- वित्तीय वर्ष 2017-18 में योजनाओं के बेहतर संचालन के लिए दिया गया पुरस्कार

- राष्ट्रीय स्तर पर पांच श्रेणियों के लिए मिला पुरस्कार

देहरादून, मनरेगा और प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन में उत्तराखंड ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अग्रणी राज्यों में स्थान बनाया है. वित्तीय वर्ष 2017-18 में मनरेगा में राष्ट्रीय स्तर पर उत्तराखंड को पांच श्रेणियों में पुरस्कार मिले हैं, वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन में राज्य चार राष्ट्रीय पुरस्कार हासिल करने में सफल रहा है. इस योजना में संपूर्ण क्रियान्वयन श्रेणी में रुद्रप्रयाग जिला प्रथम आया है.

11 सितंबर को दिल्ली में दिया जाएंगे पुरस्कार

केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय की फ्लैगशिप योजना मनरेगा में उत्तराखंड ने विषम भौगोलिक परिस्थितियों, कर्मचारियों की कमी, आपदाओं की निरंतरता के चलते दूरसंचार प्रणाली में व्यवधान समेत तमाम दिक्कतों के बावजूद सराहनीय प्रदर्शन किया है. मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के पास ही ग्राम्य विकास विभाग है. शत-प्रतिशत कंप्यूटरीकृत प्रणाली मनरेगा में 15 दिन के भीतर काम देना और मजदूरी का भुगतान करना होता है, अन्यथा बेरोजगारी भत्ता और विलंब भुगतान के लिए प्रतिकर दिए जाने का प्रावधान है. भौगोलिक और तकनीकी दिक्कतों के बावजूद श्रमिकों को 15 दिन में मजदूरी भुगतान करने में सुविधासंपन्न मैदानी राज्यों को पीछे छोड़ते हुए उत्तराखंड ने देशभर में दूसरा स्थान प्राप्त किया. कार्यो में पारदर्शिता लाने, दोहराव रोकने एवं जन सामान्य के लिए उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रत्येक कार्य की जियो टैगिंग करने की प्रक्रिया वाली श्रेणी में चंपावत जिला दूसरे स्थान पर रहा. प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मनरेगा सहित अन्य योजनाओं के कुशल क्रियान्वयन में पहला स्थान उत्तराखंड को मिला है. लक्ष्य के सापेक्ष सर्वाधिक पूर्ण किए गए आवासों की श्रेणी में दूसरा और संपूर्ण क्रियान्वयन में तीसरा पुरस्कार राज्य के खाते में गया है. पुरस्कार वितरण 11 सितंबर को नई दिल्ली में होगा.