- 37वें ऑल इंडिया उत्तरांचल गोल्ड कप क्रिकेट टूर्नामेंट का आज होगा आगाज

- धोनी, रैना, चावला, गौतम गंभीर, मोहम्मद कैफ जैसे दो दर्जन प्लेयर्स खेल चुके हैं गोल्ड कप

DEHRADUN: 37वें ऑल इंडिया उत्तराखंड गोल्ड कप का आगाज आज से हो रहा है। जिसमें 16 टीमें पार्टिसिपेट कर रही हैं। सिटी के बीचों-बीच स्थित एफआरआई के रेंजर्स ग्राउंड में आयोजित होने वाले गोल्ड कप का दर्शक बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। गोल्ड कप अपने आप में खास है। दून के इस सबसे पुराने टूर्नामेंट में खेलने को इंडियन क्रिकेट प्लेयर बेहद लक्की मानते हैं। कहा जाता है कि जो प्लेयर इस टूर्नामेंट को खेलता है, उनका इंटरनेशनल क्रिकेट टीम के लिए सिलेक्शन तय माना जाता है। सच्चाई भी है। करीब दो दर्जन से अधिक ऐसे क्रिकेट प्लेयर्स हैं, जिन्होंने गोल्ड कप खेला और इंडिया टीम में उनका सिलेक्शन हाे गया।

धोनी ने बिहार की टीम से खेला था गोल्ड कप

क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी, सुरेश रैना, भूपेंद्र सिंह, गौतम गंभीर, मोहम्मद कैफ, पंकज धर्माणी, योगेंद्र शर्मा, पवन सुयाल, पवन नेगी, वीरेंद्र सहवाग, विक्रम राठौर, चेतन शर्मा, एमएसके प्रसाद, न्यूल डेविड, उन्मुक्त चंद, पियूष चावला व प्रवीन कुमार सहित कई नाम ऐसे हैं, जिन्होंने उत्तरांचल गोल्ड कप में अपने हाथ आजमाए हैं। क्रिकेट प्लेयर उत्तरांचल गोल्ड कप को लक्की मानते हैं। पहले मैच के दौरान कुछ क्रिकेटर इस बात को कह चुके हैं कि जिन क्रिकेटर्स ने गोल्ड कप खेला है, उन्होंने इंडियन टीम में अपनी जगह बनाई है। खुद उत्तरांचल गोल्ड कप के सचिव पीसी वर्मा स्वीकारते हैं कि अधिकतर जिन क्रिकेटर्स ने उत्तरांचल गोल्ड कप खेला, उनका सिलेक्शन इंडियन टीम में हुआ है। गोल्ड कप के कोषाध्यक्ष एएस मेंगवाल कहते हैं कि वर्ष 2004 में जब महेंद्र सिंह धोनी मैच खेलने के लिए बिहार क्रिकेट एसोसिएशन की ओर से दून पहुंचे तो उसके बाद उनका सिलेक्शन इंटरनेशनल इंडियन क्रिकेट टीम के लिए हुआ। ऐसे ही दूसरे क्रिकेटर्स के साथ भी हुआ। इसलिए क्रिकेटर्स में धारणा बनी हुई है कि जो उत्तरांचल गोल्ड कप खेलता है, उसका इंडियन क्रिकेट टीम में चयन होता है। यही कारण है कि इस टूर्नामेंट को क्रिकेटर लक्की मानते हैं।

1981 में हुई थी गोल्ड कप की शुरुआत

उत्तरांचल गोल्ड कप का इतिहास दशकों पुराना है। 80 के दशक में शुरू हुआ गोल्ड कप का सफर 37 सालों का है। टूर्नामेंट की शुरुआत सबसे पहले सर्वे मैदान में हुई थी। सचिव पीसी वर्मा ने चाय पीते-पीते विचार करते हुए गोल्ड कप की शुरुआत 1981 में की। कोषाध्यक्ष एएस मेंगवाल कहते हैं कि वर्ष 2008 में पाक की क्वेट क्लब टीम, 2013 में बांग्लादेश व नेपाल की टीमें भी आई थी। इसके बाद बांग्लादेश की टीम में शामिल प्लेयर्स का व‌र्ल्ड कप के लिए चयन तक हुआ। बताया कि इस सफर में एकाध साल टूर्नामेंट नहीं हो पाया, लेकिन तब से लेकर हर साल टूर्नामेंट का आयोजन किया जाता है।

आज सुबह 9 बजे होगा उद्घाटन

उत्तरांचल गोल्ड कप का उद्घाटन सुबह नौ बजे होगा। इंडियन काउंसिल ऑफ फॉरेस्ट्री रिसर्च एंड एजुकेशन के डायरेक्टर डा। सुरेश गैरोला उद्धाटन करेंगे। पहले दिन दो मैच होंगे, जो रेंजर्स ग्राउंड व तनुष एकेडमी में खेले जाएंगे। 16 टीमों के बीच होने वाले टूर्नामेंट के पहले दिन के मैचों में एलडीए लखनऊ व एफसीआई के बीच रेंजर्स ग्राउंड और दूसरा मैच तनुष एकेडमी में इनकम टैक्स दिल्ली डिविजन व आर्मी बोर्ड सिकंदराबाद के बीच खेला जाएगा। आयोजकों के अनुसार इस बार आईपीएल के खिलाड़ी ऋषि धवन, परवेंद्र अवाना, जयंत यादव आदि भी खेलने के लिए दून पहुंच रहे हैं।