भाजपा ने की जांच की मांग
सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा को एक आर्म्स डीलर द्वारा कथित तौर पर लंदन में बेनामी घर देने संबंधी रिपोर्ट आने के बाद इस राजनीति तेज हो गई है। भाजपा नेता किरीट सोमैया ने इस मामले में पत्र लिखकर सरकार से जांच की मांग की है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस संबंध में जांच रिपोर्ट वित्त मंत्रालय के पास भेज दी गई है, जिसकी समीक्षा की जा रही है। इस जांच में उन ई-मेलों का हवाला भी है, जिसे कथित तौर पर रॉबर्ट वाड्रा और उनके सहयोगी मनोज अरोड़ा ने आर्म्स डीलर संजय भंडारी को भेजा था। जिनके 18 ठिकानों पर पिछले महीने प्रवर्तन निदेशालय ने रेड मारी थी। छापेमारी के बाद प्रवर्तन निदेशालय और टैक्स ऑफिशियल्स के साथ ने दो शुरुआती जांच रिपोर्ट तैयार की थीं। सूत्रों का दावा है कि उसके पास इस मामले से जुड़े दस्तावेज हैं।

रिर्पोट में है सारी जानकारी
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि रॉबर्ट वाड्रा और उनके सहयोगी ने लंदन स्थित घर के बारे में कई ई-मेल भेजे थे। इनमें पेमेंट और घर के रेनोवेशन जैसी बातों का जिक्र है। दस्तावेजों के मुताबिक, जिस घर को लेकर विवाद हो रहा है, वह अक्टूबर 2009 में 19 करोड़ रुपए में खरीदा गया था और जून 2010 में बेच दिया गया था। दो अलग-अलग जांच रिपोर्ट से खबर में दावा किया गया है कि वाड्रा और उनके सहयोगी मनोज ने जो मेल भेजे थे, वे सुमित चड्ढा को भेजे गए थे, जो कि लंदन में रहता है और संजय भंडारी का रिश्तेदार है।

वित्‍त मंत्रालय कर रहा है जांच
वित्त मंत्रालय उस जांच रिपोर्ट की समीक्षा कर रहा है जिसके मुताबिक, 2009 में हथियारों के एक विवादित सौदेबाज ने लंदन में रॉबर्ट वाड्रा को बेनामी घर खरीद कर दिया। इस जांच में उन ई-मेलों का हवाला भी है, जिसे कथित तौर पर रॉबर्ट वाड्रा और उनके सहयोगी मनोज अरोड़ा ने भेजा था। इस मामले में डिफेंस सौदेबाज संजय भंडारी से पूछताछ हो रही है।

इनफोर्स एंजेंसियों के छापे के दौरान सामने आया मामला
पिछले महीने एनफोर्समेंट एजेंसियों ने भंडारी के 18 ठिकानों पर छापा मारा था। कर अधिकारियों और एनफोर्समेंट विभाग द्वारा इन छापों के बाद दो जांच रिपोर्ट तैयार की गईं। इन रिपोर्टों के अनुसार, कथित तौर पर रॉबर्ट वाड्रा और उनके सहयोगी मनोज अरोड़ा ने कई ईमेल भेजे जिसमें लेन-देन और लंदन के घर के रेनोवेशन से जुड़ी बातें हैं। 12 एल्लर्टन हाउस, ब्रायंस्टन स्क्वायर पर स्थित इस घर को 19 लाख पाउंड यानी करीब 19 करोड़ रुपये में खरीदा गया। ऐसा आरोप है, यह सौदा अक्टूबर 2009 में हुआ और जून 2010 में इसे बेच दिया गया।

रॉबर्ट के वकील कहा नहीं है कोई हाथ
जब रॉबर्ट वाड्रा से इस संबंध में चार दिन पहले सवाल किया गया तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। लेकिन उनके वकील ने कहा है कि वाड्रा किसी भी प्रकार प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से उल्लेख की गई संपत्ति 12, एल्लरटन हाउस, ब्रायनस्टन स्क्वायर, लंदन से जुड़े हुए नहीं है। यह भी कहा है कि वाड्रा और उनके सहयोगी संजय भंडारी से किसी भी प्रकार के वित्तीय लेन-देन से जुड़े नहीं है। वे यह भी नहीं जानते हैं कि संजय भंडारी किसी भी प्रकार की रक्षा डील से जुड़े हैं।

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