मुकदमा दर्ज करवाने के लिए काट रहा था चक्कर

सर्विलांस टीम ने मोबाइल बरामद करके आरोपी को छोड़ा

Meerut. भाजपा के पूर्व मंत्री लक्ष्मीकांत वाजपेयी चोरी की रिपोर्ट दर्ज करवाने के लिए थाने में ही धरने पर बैठ गए. उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस व्यापारियों का उत्पीड़न कर रही है. उनकी रिपोर्ट तक दर्ज नहीं हो रही है. व्यापारी एक महीने से चोरी की रिपोर्ट दर्ज करवाने के लिए थाने के चक्कर काट रहा था. पुलिस उसे हर बार टरका कर भेज रही है. हंगामे के बाद सीओ सिविल लाइन ने थाने में पहुंचकर उनकी रिपोर्ट दर्ज करवाई.

देना पड़ा धरना

गुरुवार दोपहर 11 बजे करीब भाजपा के पूर्व मंत्री डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेई सूरजकुंड व्यापारी के साथ सिविल लाइन थाने पहुंचे. उन्होंने पुलिस पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा काटा. इसके बाद वह थाने में इंस्पेक्टर के गेट के पास नीचे धरने पर बैठ गए. सीओ सिविल लाइन रामअर्ज ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उनका मामला दर्ज करवाया. जिसके बाद वह धरने से उठे.

लाखों की हुई थी चोरी

मुनेंद्र गिरी पुत्र ओमप्रकाश निवासी सूरजकुंड रामबाग की दूध की डेयरी है. गत् 10 अक्टूबर को उनकी डेयरी से तीन मोबाइल फोन, 99 हजार रुपये और एक एलईडी चोरी हो गया था. मुनेंद्र के अनुसार उन्होंने सूरजकुंड चौकी इंचार्ज और इसके बाद सिविल लाइन थाने में तहरीर दी, लेकिन उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई. आरोप है कि मोबाइल रिकवरी सेल ने उनका एक मोबाइल बरामद कर उन्हें सौंप दिया. उनसे कहा गया कि चोर का पता नहीं चल पाया.

पूर्व मंत्री से गुहार

मुनेंद्र गुरुवार को भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी के पास पहुंचे और पीड़ा बताई. वाजपेयी सुबह करीब 11 बजे सिविल लाइन थाने पहुंचे और धरना देकर बैठ गए. उन्होंने कहा कि पुलिस व्यापारियों का उत्पीड़न कर रही है. फरियादी रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए थानों के चक्कर काट रहे है. उनकी रिपोर्ट तक दर्ज नही हो पा रही है. पूर्व विधायक के धरने पर बैठने की सूचना पर तुरंत ही सीओ सिविल लाइन रामअर्ज मौके पर पहुंचे. उनकी रिपोर्ट दर्ज कराई गई.

टीम ने किया है खेल

मुनेंद्र गिरी का कहना है कि सर्विलांस टीम ने उनका एक मोबाइल बरामद करके उन्हें दे दिया, जबकि उसके तीन मोबाइल, 90 हजार व एक एलसीडी भी चोरी हुआ था. पुलिस को वह भी बरामद करना चाहिए था. पुलिस ने आरोपी को पकड़ कर उससे सेटिंग करके छोड़ दिया, जिससे उसका माल बरामद नहीं हो सका.

धरने का तुरंत असर

वह अपनी रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए सिविल लाइन थाने के कई दिनों से चक्कर काट रहा था, जबकि उसकी कई सुनवाई नहीं हो रही थी. पूर्व विधायक के धरने पर बैठते ही उनका तुंरत ही चोरी का मुकदमा दर्ज हो गया. जिससे व्यापारी ने राहत की सांस ली.