-काशी विद्यापीठ मानविकी संकाय में मास कॉम के छात्रों की दौड़ा-दौड़ाकर पिटाई, पीडि़त छात्रों ने चीफ प्रॉक्टर से की शिकायत

महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के मानविकी संकाय में बुधवार को फिल्मी स्टाइल में दौड़ा-दौड़ाकर मास कॉम के छात्रों को पीटा गया. क्लास में घुसकर पिटाई करने वाले स्टूडेंट्स भी कैंपस के बताए गए. मारने-पीटने के दौरान स्टूडेंट्स बार-बार यही कह रहे थे कि दोबारा लड़की को परेशान करोगे, गाली-गलौज करोगे. देखते ही देखते फैकल्टी में अफरा-तफरी मच गई. जब तक सुरक्षाकर्मी पहुंचते तब तक आरोपी स्टूडेंट्स बाइक से फरार हो गए. पिटाई से नाराज छात्रों ने चीफ प्रॉक्टर डॉ. शंभू नाथ उपाध्याय से शिकायत दर्ज कराई है. छात्रों के बीच हुए मारपीट को लेकर पूरे दिन कैंपस में तल्खी का माहौल रहा.


टारगेट था एक, पीटे गए दोस्त भी

मास कम्यूनिकेशन सेकेंड ईयर के स्टूडेंट सूरज यादव को टारगेट कर आए आरोपी स्टूडेंट्स क्लास में घुसकर पीटने लगे. बिल्कुल फिल्मी स्टाइल में बेल्ट लहराकर और हाथों में फाइटर पहनकर छात्रों पर हमले किए गए. सूरज को बचाने के लिए आगे आए दोस्त सौरभ चतुर्वेदी, संदीप मिश्रा, अमरेंद्र पांडेय भी शिकार हो गए. क्लास में मारपीट की जानकारी मिलते ही कुछ अन्य छात्र भी जुटे लेकिन किसी की हिम्मत नहीं हुई कि आरोपी छात्रों का विरोध कर सकें. मारने-पीटने के बाद स्टूडेंट्स बड़े ही आराम से बाइक से निकल गए. वहीं पीडि़त स्टूडेंट्स अपनी शिकायत लेकर पुलिस चौकी और चीफ प्रॉक्टर के यहां पहुंचे.

सुरक्षाकर्मियों का नहीं है खौफ

विद्यापीठ में सुरक्षाकर्मियों से लेकर पुलिस चौकी होने के बाद भी छात्रों में खाकी का खौफ नहीं है. पुलिस चौकी के सामने भी कई बार मारपीट की घटनाएं हुई हैं लेकिन कार्रवाई किसी पर नहीं होती. चुनावी फिजा बनाने को इन दिनों बाहरियों की भी जुटान कैंपस में हो रही है. विद्यापीठ एडमिनिस्ट्रेशन भी सिर्फ उन्हीं का आईडी चेक करता है जो शरीर से दुर्बल और नवप्रवेशी हो. कैंपस में कई ऐसे चेहरे है जो रोजाना मठाधीसी करते हैं लेकिन चीफ प्रॉक्टर की नजर उन पर नहीं पड़ती.