मित्रों, पिछले लेख में हमने 'शांति के लिए घर की आंतरिक सजावट’ के बारे में जाना था, आज उसी के बारे में आगे बताते हुए घर की आंतरिक सजावट के और भी पहलुओं को जानेंगे। घर के मुख्य द्वार में लोग गणेश जी या और भी देवी-देवताओं का चित्र लगा देते हैं, ऐसा नहीं करना चाहिए। इनका स्थान हमारे घर के पूजाघर में ही होना चाहिए।

1. घर के द्वार में दाएं-बाएं सुंदर फूलों के गमले रख सकते हैं। इनसे घर में आने वाली ऊर्जा और भी सकारात्मक हो जाती है। यह पेड़-पौधे कांटेदार, नुकीले पत्तियों वाले ना हों।

2. यहां छोटी-छोटी घंटियां भी लगा सकते हैं। यहां किसी भी तरह का दर्पण नहीं लगाना चाहिए।

3. घर में किसी भी तरह का खराब इलेक्ट्रॉनिक का सामान (बंद घड़ी, टेप रिकॉर्डर, रेडियो) ना हो, इससे भी जीवन में तरक्की का मार्ग रुकता है।

4. असफल व्यक्ति का मकान भी नहीं खरीदना चाहिए। यदि लें भी तो उसका वास्तु दोष दूर करवा कर लें तो ही बेहतर। नहीं तो वहां रहने वालों का वैवाहिक जीवन भी कष्ट में रहता है।

5. घर के किसी भी कमरे की दीवारों पर हिंसक पशु, पक्षियों के पोस्टर, पेंटिंग या मूर्तियां ना लगाएं। यह हमारे जीवन में निराशा का भाव और तनाव देते हैं, जिससे जीवन में जो सकारात्मक परिणाम होने वाले होंगे, उनमें भी दिक्कत आएगी।

6. घर रोशनी से भरपूर और हवादार होना चाहिए। घर की दीवारों पर गहरे रंगों के होने से भी स्वभाव में उग्रता आती है।

7. शुभ तरंगों के लिए ड्रॉइंगरूम में 6 छड़ों वाली पवन घंटी भी लगा सकते हैं। घर के लोगों को अपना ज्यादा से ज्यादा समय यहीं व्यतीत करना चाहिए। यहां पारिवारिक सदस्यों का फोटो हो तो अच्छा है।

8. असली या आर्टिफिशियल फूल भी यहां होना माहौल को खुशनुमा बनाते हैं। सुबह और शाम के समय घर में अवश्य कोई धार्मिक संगीत, भजन बजे तो बेहतर।

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