प्रदूषण जांच को कर दिया गया है ऑनलाइन

शहर में 28 प्रदूषण केन्द्रों पर हुआ करेगी जांच

आगरा। अगर आपने अपने वाहनों के प्रदूषण की जांच बीते छह महीने में नहीं कराई है तो करवा लीजिए, अन्यथा आप पर जुर्माना लग सकता है। अब प्रदूषण जांच को ऑनलाइन कर दिया गया है। इसके तहत हर छह महीने में वाहन चालकों को जांच करानी होगी। छह महीने निकल जाने पर प्रदूषण की जांच कराने पर 1200 रुपये का जुर्माना देना होगा। बता दें कि पहले लोग जांच से बचने से वाहन चालक धुआं जांच केन्द्र से एक सर्टिफिकिट बनवा लेते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं चल पाएगा।

खटारा वाहन फुला रहे ऑक्सीजन का दम

खटारा वाहन शहर में ऑक्सीजन का दम फुलाने में लगे हैं। ऐसे वाहनों में लगाम लगाने के लिए प्रदूषण जांच व्यवस्था को ऑनलाइन किया जा चुका है। इसके लिए शहर में 28 जांच केन्द्रों को आरटीओ से संबंद्ध किया गया है। इन अधिकृत जांच केन्द्रों पर ही जांच करानी होगी। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने 15 वर्ष पुराने वाहनों के संचालन पर रोक लगा रखी है। शहर में सैकड़ों की संख्या में अनफिट और धुंआ उगलते वाहन सड़कों पर दौड़ते देखे जा सकते हैं।

15 वर्ष पुराने वाहनों को हटाने में की गई रस्म आदयगी

शहर में 15 वर्ष पुराने वाहनों को हटाने में आरटीओ द्वारा रस्म अदायगी की गई। एक दो अभियान चलाकर आरटीओ के अधिकारियों ने अपनी पीठ थपथपाकर वाहवाही बटोर ली। सिटी स्पेसीफिक एक्शन प्लान फॉर एयर क्वालिटी मैनेंजमेंट के तहत 15 वर्ष पुराने वाहनों को हटाया जाना था। इसके लिए रोडमैप तैयार किया गया था। इसमें आरटीओ, क्षेत्रीय प्रदूषण विभाग, नगर निगम को रोडमैप के क्रियान्वयन के लिए नामित किया गया था। अभी तक 15 वर्ष पुराने वाहनों को हटाया नहीं जा सका है।

ये है स्थिति

इस बारे में आरटीओ के अधिकारियों का दावा है कि अभी तक 15 वर्ष पुराने वाहनों में से 5671 से ज्यादा निजी वाहनों की एनओसी जा चुकी है। वित्तीय वर्ष में 5131 निजी वाहनों की पंजीयन निरस्त किए गए हैं। 28 वाहनों को निरुद्ध किया गया है। इसमें 37741 निजी वाहनों को नोटिस जारी किए गए हैं। ये कार्रवाई आगरा, मथुरा और फिरोजाबाद जिलों में की गई है।

332 आगरा, मथुरा और फीरोजाबाद में 15 वर्ष पुराने वाहनों की एनओसी जारी की

- 307 15 वर्ष पुराने वाहनों के रजिस्ट्रेशन तीनों जिलों में निरस्त किए

- 207 वाहनों को निरुद्ध किया गया।

- 11060 निजी 15 वर्ष पुराने वाहनों को नोटिस जारी किया गया।

- 154 जुगाड़ वाहनों को निरुद्ध किया गया।

- 4000 15 वर्ष पुराने लोडिंग वाहनों के नोटिस जारी किए गए हैं

- 479 लोडिंग वाहनों के नोटिस जारी किए गए हैं।