विधान सभा का मानसून सत्र आज से

- बीएसपी कानून व्यवस्था के साथ सपा को घोषणा पत्र के जरिये दिखाएगी आईना

- भाजपा ने भी कानून-व्यवस्था को लेकर मुखर रहने की रणनीति बनाई

-विधानसभा अध्यक्ष ने जारी किया 31 अगस्त तक कार्यक्रम

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LUCKNOW: सोमवार से शुरू होने वाला मानसून सत्र चुनावी रंग से सराबोर दिखेगा. राज्य सरकार अपने कई महत्वपूर्ण विधेयकों को पास कराने की जुगत करेगी तो वहीं विपक्ष सरकार पर हमला करने का कोई मौका नहीं चूकेगा. वहीं सत्र के हंगामेदार होने के आसार बढ़ते जा रहे हैं. राज्य सरकार इस सत्र के दौरान कई अहम विधेयक पास कराने की तैयारी में है तो विपक्ष कानून-व्यवस्था समेत तमाम मुद्दों पर सपा सरकार को घेरने के. रविवार को भाजपा और बसपा ने इस बाबत अपनी रणनीति का खुलासा किया तो मुख्यमंत्री ने सर्वदलीय बैठक बुलाकर सत्र चलाने में सबका सहयोग मांगा. विधानसभा चुनाव नजदीक देख यह अंतिम सत्र होने की आशंका व्यक्त की जा रही है हालांकि जानकारों के मुताबिक राज्य सरकार एक बार और सत्र बुला सकती है.

बसपा

सरकार ने पूरे नहीं किए वादे

विधान परिषद में नेता विरोधी दल नसीमुद्दीन सिद्दीकी और विधानसभा में नेता विरोधी दल गया चरण दिनकर ने रविवार को संयुक्त प्रेस कांफ्रेस कर आरोप लगाया कि सपा सरकार ने अपने घोषणा पत्र के सारे वादे पूरे नहीं किए है. साथ ही नये वादों के साथ चुनाव में जाने की तैयारी में है. उन्होंने कहा कि सपा सरकार ने मुस्लिमों को लेकर किये गये वादे भी पूरे नहीं किए. नसीमुद्दीन ने कहा कि सपा ने आबादी के हिसाब से मुस्लिमों को आरक्षण देने की बात कही थी, लेकिन कुछ नहीं किया. साथ ही दहशतगर्दी के नाम पर निर्दोष मुस्लिम युवाओं को रिहा कराने का वादा भी पूरा नहीं हुआ. घोषणा पत्र के मुताबिक उन्हें फंसाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी नहीं हुई. नसीमुद्दीन ने कहा कि ऐसे 8ख् हजार मुस्लिम युवा अभी भी जेलों में बंद हैं.

भाजपा

सदन के अंदर और बाहर घेरेगी भाजपा

भाजपा ने सदन के अंदर और बाहर राज्य सरकार को घेरने की तैयारी की है. मंगलवार को जब विधानसभा सत्र का दूसरा दिन होगा तो भाजपा के हजारों कार्यकर्ता विधानभवन का घेराव करेंगे. वहीं सदन के भीतर भी भाजपा नेता राज्य सरकार को प्रदेश की बदतर कानून-व्यवस्था को लेकर घेरेंगे. भाजपा सदन में स्वाती सिंह का मुद्दा उठाकर बसपा को भी कटघरे में खड़ा करने का प्रयास कर सकती है. पार्टी ने महिलाओं के साथ हो रहे अपराधों को मुद्दा बनाया है. सूबे में सरकार बनाने की कोशिश में जुटी भाजपा इस मौके को बखूबी भुनाना चाहती है ताकि जनता के बीच यह संदेश दिया जा सकें कि भाजपा ही सपा सरकार के खिलाफ सबसे ज्यादा मुखर है.

सीएम ने बुलाई सर्वदलीय बैठक

रविवार को विधानभवन में सर्वदलीय बैठक आहूत की गयी, जिसकी अध्यक्षता मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने की. अखिलेश ने सभी पार्टियों से सदन को सुचारू रूप से चलाये जाने में सहयोग मांगा. मीटिंग में मुख्यमंत्री के अलावा विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय, संसदीय कार्यमंत्री मोहम्मद आजम खां, बीएसपी के विधानमंडल दल के नेता और नेता विरोधी दल दया चरण दिनकर, बीजेपी के विधानमंडल दल के नेता सुरेश खन्ना, कांग्रेस के विधान मंडल दल के नेता प्रदीप माथुर समेत लगभग सभी दलों के विधानमंडल दल के नेता मौजूद थे.

इन मुद्दों पर होगी सरकार को मुश्किल

मथुरा कांड, बुलंदशहर हाईवे पर रेप कांड, अभद्र नारेबाजी को लेकर नसीमुद्दीन सिद्दीकी समेत आरोपी बसपा नेताओं पर कार्रवाई, महिलाओं के साथ बढ़ रहे अपराध, बलिया का नरही कांड, गाजियाबाद में भाजपा नेता पर हमला, गन्ना किसानों का बकाया, दलितों का उत्पीड़न, बाढ़ का कहर, शिक्षकों की लंबित मांगें, डेंगू से मौतें.

दलबदलुओं पर भी रहेंगी निगाहें

सत्र के दौरान पिछले कुछ दिनों के भीतर दल बदलने वाले नेताओं पर भी सबकी नजरें रहेंगी. मालूम हो कि अब तक क्ब् विधायक पाला बदल चुके हैं जिसमें विधानसभा में पूर्व नेता विरोधी दल स्वामी प्रसाद मौर्य भी शामिल हैं. सत्र के दौरान सदन की तस्वीर भी बदली होगी. भाजपा के पाले में ज्यादा विधायक तो कांग्रेस के पाले में कम विधायक देखने को मिलेंगे.

फ्0 अगस्त तक का कार्यक्रम जारी

पहले दिन कंडोलेंस के बाद अगले दिन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव सप्लीमेंट्री बजट पेश करेंगे. सूत्रों की मानें तो दो दिन के अंदर बजट को पास कराने का टार्गेट सरकार की ओर से रखा गया है. वैसे तो विधानसभा का सत्र ख्ख् अगस्त से फ्क् अगस्त तक का रखा गया है, लेकिन निर्धारित तिथि तक सत्र चल पायेगा यह कहना मुश्किल ही नजर आ रहा है.

पांच दिनों का कार्यक्रम जारी

- ख्ख् को कंडोलेंस के बाद सदन स्थगित

- ख्फ् अगस्त को दिन में साढ़े क्ख् बजे सप्लीमेंट्री बजट पेश होगा.

- ख्ब् अगस्त को सरकार सप्लीमेंट्री बजट पास कराएगी.

- ख्भ् अगस्त को जन्माष्टमी की छुट्टी

- ख्म् अगस्त को जीएसटी संशोधन बिल को पास कराया जा सकता है.

- ख्म् तारीख को आधा दिन विधायी कार्य और आधा दिन असरकारी दिवस रहेगा.

- ख्7 और ख्8 अगस्त को शनिवार और रविवार के कारण सत्र नहीं रहेगा.

- ख्9 और फ्0 अगस्त को सरकार जरूरी विधेयक पास करायेगी.