- फाइनल में विनेश ने अपनी बहन ऋतु को दी मात

- कजाकिस्तान जाने वाली भारतीय कुश्ती टीम का गठन

- 18 से 22 मार्च तक रियो ओलम्पिक के लिए होंगे क्वालीफाइंग मुकाबले

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LUCKNOW : जज्बा देश के लिए खेलने का, जोश जीत का और जुनून विरोधी खिलाड़ी को हराने का. फिर भले ही सामने अपनी बहन ही क्यों न खड़ी हो. मात देने में खिलाडि़यों ने कोई गुरेज नहीं की और मिनटों में विरोधी को चित कर दिया. कुछ ऐसा ही नजारा शनिवार को कानपुर रोड स्थित साई सेंटर के मल्टीपरपज हॉल में देखने को मिला. यहां पर भारतीय महिला कुश्ती टीम के सेलेक्शन के लिए ट्रायल आयोजित किए गए थे. बता दें कि ओलम्पिक के लिए क्वालीफाइंग राउंड के मुकाबले 18 से 20 मार्च तक आयोजित किए जाने हैं. ऐसे में यहां पर कजाकिस्तान जाने वाली भारतीय महिला कुश्ती टीम के लिए सेलेक्शन ट्रायल आयोजित किया गया था. टीम में जगह बनाने के लिए महिला पहलवानों में जीत के लिए जमकर जोर आजमाइश देखी गई.

खेल में कोई समझौता नहीं

टीम सेलेक्शन के लिए पहली फाइट विनेश फोगाट और उसकी बहन ऋतु फोगाट में हुई. दोनों बहनों में जीत के लिए जोरदार संग्राम हुआ. घर में जहां दोनों बहनों में बहुत प्यार है, वहीं यहां पर वह एक-दूसरे की जानी दुश्मन बनी हुई थीं. आखिर देश के लिए खेलने का मौका कोई नहीं खोना चाहता था. तीन-तीन मिनट की हुई दो फाइट में आखिरकार विनेश ने बहन ऋतु को मात दे दी. विनेश ने कहा कि देश के लिए खेलने का मौका कौन मिस करना चाहेगा. बहन हम घर में हैं, लेकिन कुश्ती के मेैदान पर हम एक-दूसरे के विरोधी.

इधर साक्षी ने चौंकाया

फाइनल राउंड की दूसरी फाइट बबिता और ललिता के बीच हुई. बबिता ने भी इस फाइट में अपनी बहन विनेश की तरह ही आसानी से जीत दर्ज कर ली. गीता फोगाट और साक्षी मलिक के बीच होने वाले मुकाबले की सभी को बेसब्री से इंतजार था. सभी को गीता फोगाट के जीतने की उम्मीद थी, लेकिन साक्षी ने इस मुकाबले में आसान जीत दर्ज कर बड़ा उलटफेर किया. फाइनल की चौथी फाइट में अनिता ने गीतिका झाकड़ को हराया.

यह रहे रिजल्ट

- विनेश ने अपनी बहन ऋतु फोगाट को टेक्निकल फाल कर हरा दिया.

- बबिता फोगाट ने ललिता सहरावात को 4-1 से हराया.

- साक्षी मलिक ने गीता फोगाट को 8-1 से हराया.

- अनिता ने गीतिका झाकड़ को एक तरफा मुकाबले में 5-1 से हराया.

- नवजोत कौर ने सुमन कुंडू को 3-0 से हराया.

- किरण गोदारा ने निक्की को 2-1 से हरा दिया

कजाकिस्तान जाने वाली भारतीय महिला टीम

विनेश फोगाट- 48 केजी (हरियाणा)

बबिता फोगाट- 53 केजी (हरियाणा)

साक्षी मलिक-58 केजी (रेलवे)

अनीता-63 केजी (हरियाणा)

नवजोत कौर-69 केजी (रेलवे)

किरण गोदारा-75 केजी (रेलवे)

शोल्डर इंजरी के चलते हार गई गीता

फाइनल में साक्षी मलिक से मिली हार के बाद गीता फोगाट ने बताया कि इस हार से रियो ओलम्पिक में जाने के उनके इरादों को कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है. कजाकिस्तान के बाद अगला क्वालीफाइंग टूर्नामेंट मंगोलिया में खेला जाना है. यह 22 से 24 अप्रैल तक खेला जाएगा. ऐसे में अब वह उसकी तैयारी करेंगी. उन्होंने बताया कि पिछले एक महीने से वह शोल्डर इंजरी से जूझ रही है. इसी के चलते वह अपना हंड्रेड परसेंट नहीं दे सकी.

बस मुझे गुस्सा ही नहीं आता: साक्षी

गीता फोगाट को हराने वाली साक्षी मलिक ने बताया गीता को लेकर मुझपर बहुत दबाव नहीं था. मैं उन्हें कुश्ती लीग में हरा चुकी हूं. उन्होंने बताया कि ओलम्पिक में महिला कुश्ती क्यों पिछड़ रही है, इसको लेकर वह असमंजस में हैं. पॉवर और स्पीड दोनों ही मामलों में इंडियन रेसलर अन्य देशों के खिलाडि़यों से बेहतर है. आखिर ऐसा क्यों हो रहा है कि वह ओलम्पिक में हार जा रही हैं. उन्होंने बताया कि मेरे घर में कोई भी किसी खेल से जुड़ा हुआ नहीं है. मेरे पिता जी दिल्ली में जॉब करते हैं. वहां पर मौजूद स्टेडियम में मैं ऐसे ही खेलने के लिए जाती थी, लेकिन एक दिन वहां पर कुश्ती को देखकर मैंने तय कर लिया कि अब कुश्ती ही करनी है. अपने खेल के बारे में उन्होंने बताया कि जब तक मैं मैट पर कुश्ती करती हूं, तब तक तो फाइट करती हूं, लेकिन रियल लाइफ में मैं बहुत शांत हूं. सभी कहते हैं कि अपने आप का एग्रेसिव करो लेकिन यह मुझसे नहीं होता है.

'रियो ओलम्पिक में महिला पहलवान जीत सकती हैं मेडल'

भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष और सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि ओलम्पिक में हिस्सा लेने वाली भारतीय महिला टीम के लिए अभी खिलाडि़यों को क्वालीफाइंग राउंड टूर्नामेंट खेलना है. पहला क्वालीफाइंग 18 से 20 मार्च तक कजाकिस्तान में होना है. वहां पर एशिया भर के पहलवान होंगे. वहां पर हमारे खिलाड़ी अपनी छाप छोड़ने को बेताब हैं. उन्होंने बताया कि हरियाणा की गीता फोगाट ओलम्पिक में मेडल लेने से जरूर चूक गई थी, लेकिन इस बार रियो ओलम्पिक में भारतीय महिला पहलवान करिश्माई प्रदर्शन के लिए तैयार हैं. हमारे खिलाड़ी वहां से मेडल ला सकते हैं. उन्होंने बताया कि भारतीय महिला पहलवानों के चीफ कोच कुलदीप सिंह टीम को ट्रेनिंग दे रहे हैं. वहीं एक विदेशी कोच को भी टीम में शामिल किया गया है. टीम की तैयारी को देखते हुए उम्मीद है कि रियो ओलम्पिक में भारतीय महिला पहलवान मेडल ला सकते हैं.