-पुलिस और प्रशासन की गाडि़यों में ढोए जा रहे हैं वीआईपी गेस्ट

-आम जनता को पढ़ाया कानून का पाठ, एक एंबुलेंस चालक की हुई शिकायत

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PRAYAGRAJ: मौनी अमावस्या के एक दिन पहले मेला प्रशासन यातायात प्लान की जमकर अवमानना की गई. मेले में वाहन प्रतिबंध के आदेश का पूरी तरह पालन नही हुआ. पुलिस के जवान वीआईपी गेस्ट्स को मेले में जाने की अनुमति देते रहे और आम पब्लिक के वाहनों को बाहर ही रोक दिया गया. पुलिस और प्रशासनिक वाहन खुद वीआईपी गेस्ट को संगम घाट तक पहुंचाते नजर आए. इस मामले में स्वास्थ्य विभाग की एंबुलेंस भी पीछे नहीं रहीं.

धीरे से बोला और फिर जाने दिया

सिविल लाइंस और जीटी रोड पर शहर से लेकर मेला एरिया तक जगह-जगह जमकर बैरीकेडिंग की गई है. यहां पर तैनात पैरामिलिट्री और पुलिस के जवानों ने पब्लिक के दो और चार पहिया वाहनों को मेला की ओर नहीं जाने दिया. इसके उलट पुलिस और प्रशासन सहित अन्य वाहनों में बैठे वीआईपी श्रद्धालुओं को एंट्री दे दी गई. बस वाहन के मालिक ने ड्यूटी पर तैनात पुलिस के जवान को अपना परिचय दे दिया. इस दोहरे व्यवहार को लेकर आम जनता के भीतर रोष पनपता रहा.

शिकायत पर अधिकारियों ने किया अलर्ट

इसी बीच रविवार को कुछ लोगों ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से 108 एंबुलेंस द्वारा श्रद्धालुओं को ढोने की शिकायत की गई. इस पर अधिकारी ने तत्काल संबंधित एजेंसी को अलर्ट किया. इसी तरह अन्य एंबुलेंस में भी जैसे-तैसे श्रद्धालुओं को पैसे लेकर मेले के नजदीक तक पहुंचाने की कोशिश की गई. हालांकि इस मामले में पुलिस के सतर्क होने से कई जगह बैरीकेडिंग पर एंबुलेंस को रोक कर तलाशी ली गई. उधर, अन्य श्रद्धालुओं की तरह कोलकाता से आई एक फैमिली को रिक्शे सहित मेले एरिया में प्रवेश नही करने दिया गया. बताया गया कि महिला के पैर में चोट लगने की वजह से वह पैदल नही चल सकती थी. यह लोग संगम स्नान के साथ बड़े हनुमानजी के दर्शन करना चाहते थे. लेकिन एंट्री नहीं मिलने से वह बाहर से दर्शन करके चले गए.

वर्जन..

हमने एंबुलेंस चालकों को वाहन के पर्दे खोलकर रोगियों को ले जाने के आदेश दिए हैं. अगर कोई गलत काम करते पकड़ा गया तो सख्त कार्रवाई की जाएगी. एक शिकायत पर संबंधित एजेंसी को अलर्ट किया गया है.

डॉ. एके पालीवाल, एडी हेल्थ कुंभ मेला