- वीआईटी यूनिवर्सिटी प्रजेंट दैनिक जागरण आई नेक्स्ट इंजीनियरिंग गेटवेज 2017 - स्टूडेंट्स को सेमिनार में मिले हेल्पफुल टिप्स, बेहतर कॅरियर के लिए किया गाइड आगरा. आज के समय इंसान रोबोट को भी सोचने वाली मशीन बना रहा है. 2030 तक ऐसा टाईम आ जाएगा जब रूटीन काम मशीनें करेंगी तो इंसानों को इनोवेटिव काम करना होगा क्योंकि कॉम्पिटिशन टफ हो जाएगा. इसके लिए कॉम्पलेक्स प्रॉब्लम सॉल्विंग मेथड पर काम करना होगा. वीआईटी यूनिवर्सिटी प्रजेंट दैनिक जागरण आई नेक्स्ट इंजीनियरिंग गेटवेज 2017 में एक्सप‌र्ट्स ने स्टूडेंट्स उनके बेहतर करियर के लिए गाइड किया. इडियट बनने पर करें काम खंदारी कैंपस के जेपी सभागार में दिल्ली से आए मोटीवेशनल स्पीकर राजीव खुराना ने आम-तौर पर मूर्ख बोलने के लिए प्रयोग किए जाने वाले शब्द इडियट की नई परिभाषा बताई. उन्होंने कहा कि स्टूडेंट्स को इडियट बनने ओर काम किया जाना चाहिए. उन्होंने इडियट की फुल फॉर्म बताई जिसमें आई से इंटेलीजेंट, डी से डिलीजेंट, आई से इन्फॉ‌र्म्ड, ओ से ऑर्गनाइज्ड और टी से टैलेंटेड बताया. उन्होंने कहा कि इडियट मैथड पर यदि अपने करियर की तैयारी करोगे तो सक्सेज जरूर ही मिलेगी. प्रैक्टिस से केमिस्ट्री बन जाएगी दोस्त सेशन में स्टूडेंट्स को आरबीएस कॉलेज की प्रोफेसर सपना तोमर ने गाइड किया. उन्होंने बताया कि कैमिस्ट्री स्टूडेंट्स को बहुत परेशान करती है. लेकिन इससे घबराने की जरूरत नहीं है. केमिस्ट्री की जितनी प्रैक्टिस करेंगे, वो आपकी उतनी ही अच्छी दोस्त बनती जाएगी. इसके टॉपिक्स को छोटे-छोटे टुकड़ों में बांट लें और इन टुकड़ों को बार-बार रिवाइज करेंगे तो केमिस्ट्री में अच्छे मा‌र्क्स लाए जा सकते हैं. स्टूडेंट्स ने सवाल पूछ दूर की प्रॉब्लम्स इस दौरान स्टूडेंट्स ने एक्सप‌र्ट्स से सवाल पूछते हुए उनसे अपनी प्रॉब्लम्स सॉल्व कराई. स्टूडेंट्स ने वीआईटी की फैकल्टी से यूनिवर्सिटी के बारे में सवाल पूछे. स्टूडेंट्स ने स्कूल के बाद बेस्ट कॉलेज सलेक्शन, बेहतर कोर्स कौनसा रहेगा, फीस स्ट्रक्चर कैसा होता है, रोबोटिक्स इंजीनियरिंग में करियर की संभावनाओं के संबंध में सवाल पूछे. इन सवालों का वीआईटी फैकल्टी प्रो. मयंक गुप्ता, दीपक बंगारी, डॉ. अजय कुमार शर्मा और आर. राजशेखर पटनायक ने जवाब दिया और अलग-अलग कोर्सो के बारे में जानकारी दी.