- अफवाहों को फैलने से रोकने के लिए पुलिस ने उठाया कदम, सभी थाना क्षेत्रों में पुलिस ने मांगे वालंटियर्स के लिए ऑनलाइन आवेदन

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kanpur : सोशल मीडिया पर फैल रही अराजकता रोकने के लिए पुलिस थाना स्तर पर वालंटियर्स तैनात करने जा रही है. इसके तहत सोशल मीडिया के माध्यम से अफवाह या भड़काऊ पोस्ट करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की तैयारी की गई है. सभी वालंटियर्स को व्हाट्सएप के माध्यम से पुलिस के साथ जिला स्तर पर भी जोड़ा जाएगा.

चुने जाएंगे 250 डिजिटल वालंटियर्स

एसपी साउथ रवीना त्यागी के अनुसार सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों के चलते कई बार छोटा सा मामला तूल पकड़ लेता है. कई मामलों में तो बिना किसी कसूर के ही लोगों की जान चली गई. इन मामलों को रोकने के लिए डीजीपी स्तर से प्रत्येक थाना क्षेत्र में 250 डिजिटल वालंटियर्स की नियुक्ति के निर्देश दिए गए हैं.

ऐसे करेंगे काम

उन्होंने बताया कि व्हाट्सएप व अन्य सोशल मीडियम से वालंटियर्स के आवेदन मांगे गए हैं. इन आवेदनों में से पुलिस अपनी जरूरत के अनुसार लोगों को सलेक्शन करेगी. इन चयनित लोगों को लोकल और जिला स्तर के व्हाट्सएप ग्रुपों में जोड़ा जाएगा. इसके बाद वो अपने आसपास क्षेत्र में हर तरह की अराजकता फैलाने वालों पर या किसी भी तरह के भड़काऊ पोस्ट के संबंध में पुलिस को अवगत कराएंगे.

इन फील्ड से होंगे वालंटियर्स

टीचर, प्रिंसिपल, रिटायर्ड सर्विसमैन

पुलिस पेंशनर, लोकल जर्नलिस्ट

सामाजिक संगठन संचालक, ग्राम प्रधान

छात्र नेता, डॉक्टर्स, एडवोकेट

मंदिर के पुजारी व मस्जिद के मौलवी

''डिजिटल वालंटियर्स के लिए ऑनलाइन आवेदन मांगे गए हैं. इन आवेदनों में से साफ सुथरी छवि वालों को इस कार्य के लिए चुना जाएगा. वालंटियर्स की नियुक्ति का उद्देश्य सिर्फ क्षेत्र में फैल रही अफवाहों और अराजकता पर काबू पाना है. ''

- रवीना त्यागी, एसपी साउथ

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पब्लिक वर्जन

- कई बार क्षेत्र में सोशल मीडिया के माध्यम से फैली अफवाहों का खामियाजा किसी निर्दोष को अपनी जान गंवाने के साथ चुकाना पड़ता है. यदि, समय रहते इन अफवाहों पर काबू कर लिया जाए तो जान बच सकती है.

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- पुलिस का अच्छा प्रयास है. इससे अराजकता फैलाने वालों को सीख मिलेगी. उनमें डर होगा तो वो सोशल मीडिया पर कोई भी अफवाह फैलाने से पहले सोचेंगे. बस पुलिस से जुड़ने वाले लोग अच्छे हों.

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- वालंटियर्स बनने के बाद कई बार लोग गलत फायदा उठाने लगते हैं. ऐसे लोगों को जिम्मेदारी देने से पुलिस को बचना चाहिए. प्रयास अच्छा है, लेकिन इसे पूरी ईमानदारी से लागू करने की जरूरत है.

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इस तरह फैली अफवाहें

- बर्रा गुलाबी बिल्डिंग के पास हाल ही में गाय को मारने की अफवाह सोशल मीडिया के माध्यम से फैली. जबकि, मौके पर एक गाय फिसल कर नाले में गिरी हुई थी.

- एक महीना पूर्व नौबस्ता में पत्‍‌नी की हत्या की अफवाह फैली. जबकि, महिला ने सुसाइड किया था.

- करीब डेढ़ महीने पहले बर्रा में दो विशेष समुदाय के लोगों के बीच बवाल की अफवाह सोशल मीडिया पर फैली. जबकि, मामला छेड़खानी का निकला.

- इसी तरह से आए दिन सोशल मीडिया के माध्यम से घटनाओं को तोड़ मरोड़ कर और बिना पुष्टि के बढ़ा चढ़ा कर अराजकतत्व अफवाहें फैलाते हैं.