- जिन पॉश एरिया में वोट प्रतिशत था कम वहां भी प्रशासन की योजनाएं फिस्स

- बोलीं महिलाएं किटी पार्टी कहां हुई पता नहीं

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BAREILLY:
चुनावी यज्ञ में मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए अधिक से अधिक मतदाता आहूति करें इसके लिए जिला प्रशासन ने दो महीने पहले से ही शहर में तमाम प्रकार की योजनाएं लागू की। इन योजनाओं से अवेयर होकर शत- प्रतिशत मतदान हो सके। जिला प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती थी पॉश एरिया में रहने वाले मतदाताओं को जागरुक करने की। वजह थी कि पिछले विधानसभा चुनाव में सबसे कम मतदान प्रतिशत इन पॉश एरिया में ही रहा था। वोटर्स को अवेयर करने के लिए प्रशासन ने कई योजनाएं चलाई, लेकिन उनका असर वोटर्स पर नजर नहीं आ रहा है। ऐसा हम नहीं बल्कि खुद शहरवासियों को कहना है कि हमारे पास प्रशासन की ओर से चलाई गई किसी योजना की जानकारी नहीं है।

इन इलाकों में सबसे कम वोटिंग


शहर विधान सभा

मतदान केंद्र - वोटिंग परसेंटेंज

1. केंद्रीय कारागार इज्जतनगर - 36 परसेंट

2. सू्ररजभान इंटर कॉलेज राजेंद्र नगर - 28 परसेंट

3. सुरेश शर्मा नगर - 32 परसेंट

4. हार्टमैन कॉलेज - 31 परसेंट

मतदान केंद्र कैंट विधान सभा

रामपुर गार्डन - 28 परसेंट

सिविल लाइंस तहसील कार्यालय - 33 परसेंट

रविंद्र नाथ टैगोर इंटर कॉलेज - 8.11

प्रशासन की ओर चलार्ई गई योजनाएं


1. सेल्फी प्वाइंट

2. बेसिक स्कूलों के बच्चों से डुगडुगी बजाकर अवेयरनस कैंपेन

3. जागरुकता एक्सप्रेस

4. नुक्कड़ नाटक

5. आमंत्रण पत्र

6. मतदाता जागरुकता रैली

7. किटी पार्टी

योजनाओं का हाल

सेल्फी प्वाइंट - शहर के चौराहों समेत सरकारी विभागों में सेल्फी प्वाइंट रखवाए जाने थे, लेकिन कुछ दिन के बाद ही यह सेल्फी प्वाइंट गायब हो गए।

डुगडुगी बजाकर अवेयरनस कैंपेन - यह योजना शुरुआत में ही दम तोड़ गई। एक या दो स्कूलों को छोड़कर किसी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।

जागरुकता एक्सप्रेस - जागरुकता एक्सप्रेस ने शहर में कई स्थानों पर गुजरकर लोगों का जागरुक जरूर किया।

नुक्कड़ नाटक - स्कूली बच्चों को शहर के सभी वार्डो में नुक्कड़ नाटक के माध्यम से मताधिकार का महत्व समझाना था लेकिन एक दिन के अलावा भी यह योजना भी गायब हो गई।

आमंत्रण पत्र - शादी के कार्ड की तरह मतदाताओं को जागरुक करने की यह सबसे प्रभावी योजना थी, इन कार्ड को मतदाताओं के घर भेजना था लेकिन कुछ मतदाताओं के अलावा बड़ी संख्या में वोटर्स को इसकी जानकारी तक नहीं है।

किटी पार्टी - खासकर महिलाएं ही घरेलू कार्यो में व्यस्तता के चलते वोट डालने से कतराती हैं ऐसी महिलाओं को जागरुक करने के लिए प्रशासन ने किटी पार्टी का आयोजन कर जागरुक करने की योजना तो लागू की लेकिन जमीनी स्तर पर यह योजना भी दम तोड़ गई।

महिलाओं की बात :

किटी पार्टी के आयोजन संबंधी कोई सूचना नहीं मिली। न ही इस प्रकार की पार्टी संबंधी योजना की कोई जानकारी है।

शुचि खंडेलवाल, राजेंद्र नगर।

हमारे घर सगे-संबंधियों की शादी के कार्ड तो आएं हैं लेकिन प्रशासन की ओर से वोट करने के लिए कोई कार्ड प्राप्त नहीं हुआ है।

मोहित कुमार, सुरेश शर्मा नगर।

मतदाताओं को जागरुक करने के लिए जो भी योजनाएं चलाई गई उन पर गहनता से अमल किया गया। इसका असर भी चुनाव में नजर आएगा। जिन योजनाओं पर ठीक प्रकार से अमल नहीं हो सका इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों से बात कर स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।

सत्येंद्र कुमार सिंह, सीडीओ।