- पांच महीने से मतदाताओं को नहीं मिला रंगीन पहचान पत्र

- कार्ड बनाने वाली एजेंसी की लापरवाही से हो रही देरी

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VARANASI

केन्द्रीय निर्वाचन आयोग ज्यादा से ज्यादा मतदाताओं को वोटर लिस्ट में जोड़ने के लिए जी तोड़ मेहनत कर रहा है , अभियान चला रहा है, डोर-टू-डोर कैम्पेन हो रहा है, बूथों पर मतदाता मेला लगाया जा रहा है. वहीं वोटर कार्ड बनाने वाली एजेंसी इस पूरे मेहनत पर पानी फेर रही है. उसकी लापरवाही की वजह से

डिस्ट्रिक्ट के 12 हजार से ज्यादा मतदाता पिछले पांच महीने से वोटर कार्ड का इंतजार कर रहे हैं. सभी प्रॉसेस पूरा करने के बाद भी अब तक उनके वोटर कार्ड नहीं बन पाए हैं. परेशान पब्लिक मतदाता बूथ से लेकर बीएलओ और निर्वाचन कार्यालय तक दौड़ लगा रही है, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकल रहा है.

रंगीन कार्ड से बढ़ी प्रॉब्लम

दरअसल, पहले मतदाताओं को ब्लैक एंड व्हाइट पहचान पत्र दिया जाता था. यह कार्ड डिस्ट्रिक्ट लेवल पर चयनित एजेंसी बनाती थी. इसके चलते लोगों को कार्ड जल्दी बनकर मिल जाता था, लेकिन कुछ साल पहले केन्द्रीय निर्वाचन आयोग ने कार्ड की डिजाइन संशोधित (एटीएम की तरह) करते हुए उसे रंगीन कर दिया. कार्ड बनाने का जिम्मा भी चेन्नई की एक एजेंसी को दे दिया गया. इसके बाद से ही कार्ड बनाने में देरी की शिकायतें आने लगीं.

मई के बाद नहीं जारी हुअा कार्ड

इस साल मतदाता पुनरीक्षण अभियान जितनी बार भी चला उसमें शामिल मतदाताओं का वोटर कार्ड लेट बनकर आया. जनवरी में चले अभियान का कार्ड मई में बनकर आया. अब एक जून से 15 जुलाई तक चले संक्षिप्त मतदाता पुनरीक्षण अभियान में मतदाता सूची में जुड़े नये वोटर्स और नाम-पता संशोधित कराने वाले मतदाता वोटर कार्ड की बाट जोह रहे हैं.

एक नजर

- 12 हजार मतदाता इंतजार कर रहे वोटर कार्ड का

- 4 हजार से ज्यादा शहरी मतदाता इसमें हैं शामिल

-8 हजार ग्रामीण मतदाताओं का कार्ड लटका

- 3 बार चला इस साल मतदाता पुनरीक्षण अभियान

- - 28 लाख से ज्यादा वोटर हैं जिले में

- 1140 इलेक्शन सेंटर्स हैं डिस्ट्रिक्ट में

- 2920 बूथों पर लगता है मतदाता मेला

- 31 अक्टूबर तक चलेगा विशेष अभियान

वोटर कार्ड बनाने में एजेंसी देरी कर रही है. इसके लिए डिस्ट्रिक्ट इलेक्शन अफसर के लेवल से उसे लेटर भेजा गया है. अगले महीने रंगीन वोटर कार्ड बनकर आने की उम्मीद है.

दयाशंकर उपाध्याय, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी