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PRAYAGRAJ: 23 मई को होने वाली मतगणना के दौरान वीवीपैट अहम भूमिका निभाएगी। जिन बूथों पर सीआरसी नही हुआ वहां पर वोटों का मिलान वीवीपैट से किया जाएगा। वोटों की गिनती में अंतर निकला तो इसकी सूचना चुनाव आयोग को दी जाएगी। बता दें कि पहली बार लोकसभा चुनाव में जिले के सभी बूथों पर वीवीपैट का इस्तेमाल किया गया है। जिसका उददेश्य वोटिंग प्रक्रिया पारदर्शिता लाना है।

अतिरिक्त वोटों को माना जाएगा फर्जी
वोटिंग से पहले मॉक पोल किया जाता है। जिसे सीआरसी कहा जाता है। इसमें पीठासीन अधिकारी ईवीएम की बटन दबाकर उसका पिछला रिकार्ड क्लीन कर देता है। इसके चलते पूर्व में पड़े वोट डिलीट हो जाते हैं और ईवीएम फ्रेश हो जाती है। किसी बूथ में मॉक पोल नही हुआ है तो यहां की मतगणना में वीवीपैट की पर्चियों को भी गिना जाएगा। इससे पता चल जाएगा कि कुल कितने वोट वैलिड हैं। बाकी वोटों को डिलीट माना जाएगा।

हर वोट के बाद वीवीपैट में रहती हैं पर्चियां
वीवीपैट का उपयोग जिले में लोकसभा चुनाव के दौरान सभी बूथों में पहली बार हुआ है। इस मशीन में प्रत्येक वोट पड़ने के बाद मतदाता को सात सेकंड के लिए पर्ची दिखाई पड़ती है। इससे वह संतुष्ट हो जाता है कि उसका वोट सेम प्रत्याशी को गया है। यही कारण है कि वीवीपैट की पर्चियों को गिनकर वैलिड वोटों की जानकारी हो जाएगी।