क्त्रन्हृष्ट॥ढ्ढ : दिल्ली पुलिस ने झारखंड के जामताड़ा से ऑन लाइन ठगी के मास्टरमाइंड और 'हैलो मास्टर' के नाम से मशहूर रामकुमार मंडल को गिरफ्तार कर तिहाड़ जेल भेज दिया है. दिल्ली पुलिस को पूछताछ के दौरान उसने बताया कि वह महज दस सेकेंड में ही किसी के खाते से लाखों रुपए उड़ा सकता है. उसने यह भी स्वीकार किया कि कई लोगों के अकाउंट से वह ऑनलाइन लाखों रुपए की ठगी कर चुका है.

नाटकीय अंदाज में दबोचा

रामकुमार को पकड़ने के लिए दिल्ली पुलिस सादे लिबास में जामताड़ा पहुंची. उसने लोकल पुलिस से भी सम्पर्क ही नहीं किया. पुलिस के लोग गांव पहुंचने से पहले अलग-अलग हिस्सों में बंट गए, कोई ऑटो से तो कई बस से गांव पहुंचा ताकि किसी को शक न हो . इसके बाद सभी एक साथ रामकुमार के घर धावा बोल उसे गिरफ्तार कर लिया.

आरबीआई अफसर बन ठगी

नई दिल्ली के आनंद विहार के एक शख्स ने बैंक अकाउंट से महज़ दस सेकेंड में एक लाख 85 हजार रुपये निकाल लिए जाने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी. उसने पुलिस को बताया था कि 13 मई को एक शख्स ने आरबीआई अफसर बनकर कॉल किया. उसने कहा कि उसके बैंक अकाउंट के वेरीफिकेशन के लिए डिटेल जानकारी चाहिए. इस तरह उसने भरोसा जीतकर अकाउंट से जुड़ी सारी जानकारी ले ली. इतना ही नहीं ओटीपी नंबर भी ले लिया और फिर अकाउंट से रुपए निकाल लिए.

साइबर सेल के हवाले मामला

रिपोर्ट दर्ज होने के बाद मामला साइबर सेल के पास पहुंचा. छानबीन के दौरान पुलिस को पता चला कि रुपए अलग-अलग ई वालेट में चले गए हैं. पुलिस ने तुंरत सर्विस प्रोवाइडर से बात करके 40 हजार तो वापस मंगा लिए, लेकिन बाकी रकम से अलग-अलग लोगों के बिजली-पानी के बिल भरे जाने की जानकारी मिली.

ऐसे गैंग का हुआ खुलासा

पुलिस ने जांच तेज कर दी तो पता चला कि बिल भरने वाले की पहचान जोधपुर के कांट्रैक्टर सुरेंद्र के तौर पर हुई. पुलिस ने सुरेंद्र को हिरासत में लिया और फिर धीरे-धीरे पूरे गैंग का खुलासा हो गया. उन्होंने बताया कि वे जामताड़ा के रहने वाले हेलो मास्टर यानी रामकुमार मंडल के लिए कमीशन पर काम करते हैं.

कुछ ही दिनों में बन गया था करोड़पति

पुलिस को राम कुमार के सिर्फ एक एकाउंट की जानकारी मिल सकी है, जिसमें कुछ दिनों में एक करोड़ रुपये आए हैं. पुलिस का कहना है कि राम कुमार के पास कुल कितने एकाउंट हैं इसका पता किया जा रहा है.

मुंबई गया था रोजगार के लिए, बना नटवरलाल

2011 में मंडल का जामताड़ा में एक छोटा सा घर था, लेकिन वो 2011 में मुंबई पहुंचा और फिर उसने वहां से एटीएम और आनलाइन बैंकिंग ठगी में महारत हासिल कर ली. वो देखते ही देखते करोड़ों में खेलने लगा था.

तीन सौ लोगों को बना चुका है साइबर ठग

रामकुमार झारखंड के अलावा दिल्ली, राजस्थान और गोवा जैसे राज्यों में भी अपना गैंग बना लिया था. उसके खिलाफ देश के 25 राज्यों में केस दर्ज हैं. उसने ठगी ये हुनर अपने ही गांव के तीन सौ लड़कों में बांट दिया. इसके अलावा उसके नक्सलियों से भी संबंध होने की आशंका है.