क्त्रन्हृष्ट॥ढ्ढ : सिटी में घनी आबादी के बीच एक और कचरे का पहाड़ तैयार हो रहा है. यह इलाका हटिया के चांदनी चौक और स्वर्णरेखा नदी को कनेक्ड करने वाले रोड का है, जहां कचरे को डंप करने का काम बदस्तूर चल रहा है. रिहायशी इलाके में कचरा डंप करने का खामियाजा यहां रहने वाले लोग भुगत रहे हैं. गौरतलब है कि यहां से हर दिन सैकड़ों गाडि़यों व हजारों लोगों का आना-जाना लगा रहता है. ऐसे में बन रहे कचरे के पहाड़ से निकल रही बदबू लोगों के लिए परेशानी का सबब बनती जा रही है. इतना ही नहीं, इलाके में रहने वाले लोगों को डेंगु और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों के फैलने का डर भी सता रहा रहा है.

स्वर्णरेखा का पानी हो रहा गंदा

स्वर्णरेखा नदी केकिनारे कचरे को डंप किया जा रहा है. यहां सफाई गाडि़यों द्वारा कचरे को गिराया जा रहा है.यह कचरा पानी में घुलकर पानी को दूषित करता जा रहा है. इस नदी के किनारे और आसपास रहने वाले कई लोगों को नदी के पानी के दूषित होने से बुरा प्रभाव पड़ सकता है. इधर, सरकार की जल स्त्रोतों की सफाई योजना भी खटाई में पड़ जा रही है.

आने-जाने पर भी आफत

जिस स्थान पर कचरा गिराया जा रहा है, वह सड़क से सटा है. इसे जल्द ही रोका न गया तो मुख्य सड़क के ठीक बगल में कचरे का पहाड़ खड़ा हो जाएगा. लोगों को अभी भी वहां से गुजरने में काफी परेशानी हो रही है. कोई मुंह पर रुमाल रखकर गुजर रहा है तो कोई चेहरा ढंककर किसी तरह आना-जाना कर रहा है.

डेंगू व चिकनगुनिया होने का खौफ

इलाके में गंदगी के बढ़ने के कारण लोग खतरनाक बीमारियों के प्रकोप से आतंकित हैं.उल्लेखनीय है कि शहर के कई इलाके जल जमाव व गंदगी के कारण ही चिकनगुनिया और डेंगु जैसी बीमारियों से जूझ रहा है. इसके बावजूद शहर को साफ रखने के स्थान पर लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है.

चारों तरफ खड़े हैं अपार्टमेंट

जिस स्थान पर कचरा गिराया जा रहा है उसके चारों तरफ उंची इमारते और रिहायशी अपार्टमेंट्स हैं. इनमें हजारों की संख्या में लोग रहते हैं. छोटे -छोटे बच्चे हैं जो उसी सड़क से गुजरकर स्कूल जाते हैं, युवाओं के कॉलेज और वर्कप्लेस पर जाने का रास्ता भी वही है. महिलाओं के साथ भी समस्याएं बढ़ती ही जा रही हैं.