-एनडीआरएफ व एसडीआरएफ टीम को भी अलर्ट किया गया

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ष्ट॥न्क्कक्त्रन्/क्कन्ञ्जहृन्: पिछले दो दिनों से सारण से गुजरने वाली सभी नदियों का जल स्तर स्थिर रहा. वहीं घाघरा नदी के जल स्तर में कमी भी आई हैं, लेकिन सोन नदी में इंद्रपुरी बराज से दो लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद से एक बार फिर सोन के साथ गंगा नदी के जल स्तर में वृद्धि की संभावना बढ़ गई हैं. यह पानी दो से तीन दिन बाद सोन नदी में सारण के समीप पहुंच सकता हैं. इसको देखते हुए जिला प्रशासन ने अधिकारियों को अलर्ट कर दिया है.

गंगा का बढ़ सकता है जलस्तर

डीएम सुब्रत कुमार सेन ने बताया कि पहले से जिन क्षेत्र में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है, उसे छोड़ कर किसी भी नए क्षेत्र में बाढ़ का पानी नहीं आया है. सोन नदी का जल स्तर बढ़ने पर गंगा नदी का जल स्तर बढने का खतरा है. जल स्तर बढ़ जाने की आशंका को देखते हुए इससे निपटने के लिए

सभी अधिकारियों को अलर्ट रहने को कहा गया है. सरयू नदी के जल स्तर में कमी आयी है. गंडक नदी खतरे के निशान से नीचे है. गंगा नदी का पानी छह सेंटीमीटर कम हुआ हैं. डीएम ने बताया कि मध्य प्रदेश के बाणसागर

से डेढ़ लाख क्यूसेक पानी छोड़ा है जिसके

बाद इंद्रपुरी बराज से दो लाख क्यूसेक

पानी सोन में छोड़ा गया है. एमपी में भारी बारिश हुई है जिसका पानी आने की संभावना बढ़ गई है.

सीओ करते रहे अपडेट

इसको लेकर प्रशासन को भी सूचना दे दिया गया है. सभी सीओ को इलाकों की निगरानी करने और स्थिति से अवगत कराते रहने को कहा गया है. एनडीआरएफ एसडीआरएफ टीम को भी अलर्ट कर दिया गया. साथ ही राहत शिविर को भी चिन्हित किया गया है.

अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिया गया है. जो कोताही बरतेंगें उनपर सख्त कार्रवाई होगी.

-सुब्रत सेन, डीएम, सारण