-जलस्तर में 24 घंटे में दर्ज की गई 70 सेमी की बढ़ोतरी

-अधिकारियों की मानें तो अगले कुछ दिनों तक ऐसे बढ़ता रहेगा जलस्तर

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ALLAHABAD: गंगा-यमुना में इस बार का उफान खतरनाक हो सकता है. इसकी झलक मंगलवार को दिख गई. पिछले 24 घंटे में कुल मिलाकर 70 सेमी का उफान आने पर प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया. बताया जा रहा है कि मप्र की अन्य नदियों में बढ़ोतरी यमुना में उफान का कारण बनी है. वहीं हरिद्वार से छोड़ा गया पानी गंगा के जलस्तर को बढ़ा रहा है.

लगातार बढ़ा पानी तो होगी दिक्कत

अगर अगले कुछ दिनों तक नदियों का जलस्तर इसी रफ्तार से बढ़ा तो कछार के लोगों को दिक्कत हो सकती है. खासकर बघाड़ा, ओमगायत्री नगर, सलोरी सहित आधा दर्जन से अधिक एरिया पानी की चपेट में आ सकते हैं. पिछले 24 घंटे में गंगा में 29 सेमी और यमुना में 74 सेमी की जलवृद्धि दर्ज की गई है. छतनाग में कुल वृद्धि 70 सेमी दर्ज हुई है जो वाकई प्रशासनिक खेमे की खलबली बढ़ाने के लिए काफी है. जानकारी के मुताबिक उत्तराखंड से गंगा में 4 लाख क्यूसेक से अधिक जल छोड़ा गया है तो यमुना में मप्र की नदियों का पानी जलस्तर को बढ़ाने में लगा है.

खतरे का निशान: 84.73 मीटर

गंगा का जलस्तर: 79.74 मीटर (29 सेमी बढ़ोतरी)

यमुना का जलस्तर: 78.46 मीटर (74 सेमी बढ़ोतरी)

पानी अचानक बढ़ा जरूर है लेकिन परेशानी की बात नहीं है. अभी खतरे के निशान से पीछे है. हालांकि अगले कुछ दिनों तक बढ़ने का क्रम जारी रहेगा, जिस पर हमारी नजरें बनी हुई हैं.

-मनोज सिंह, अधीक्षण अभियंता, सिंचाई विभाग बाढ़ प्रखंड