छ्वन्रूस्॥श्वष्ठक्कक्त्र: मानगो में शनिवार को तीसरे दिन भी जल संकट रहा. इलाके के तकरीबन तीन लाख लोग बूंद-बूंद पानी को तरस गए. मानगो में शनिवार को पानी 70 रुपये प्रति गैलन तक बिका. कई लोगों ने साकची और मानगो ब्रिज पर लगे जुस्को के नलों से गैलन में पानी भर कर इसकी बिक्री की. लोग खाना बनाने और अन्य जरूरी काम के लिए साकची से गैलनों में पानी भर कर लाए. मानगो अक्षेस के टैंकर जहां पहुंचते पानी लेने वालों की वहां कतारें लग जातीं. पानी के टैंकर के लिए अक्षेस के अधिकारियों के फोन दिन भर बजते रहे. मानगो ब्रिज के करीब जुस्को के नल पर पानी लेने वालों की कतार लगी रही.

नहीं मिला पानी

लोगों को उम्मीद थी कि शनिवार की सुबह तक जलापूर्ति सामान्य हो जाएगी. इसलिए लोग पानी के इंतजार में थे. मानगो में सुबह अमूमन आठ बजे पानी की आपूर्ति चालू हो जाती है. लेकिन, जब 10 बजे तक नलों में पानी नहीं आया तो लोग बाल्टी और गैलन लेकर बाहर निकल पड़े. लोगों ने हैंडपंप की तलाश की लेकिन, वहां भी पानी नहीं मिला. ज्यादातर हैंडपंप खराब थे. जो इक्का-दुक्का हैंडपंप ठीक थे वहां पानी भरने वालों की भारी भीड़ रही. पानी नहीं मिलने से कई घरों में सुबह का खाना दोपहर बाद ही बन सका. कई लोग पानी की बिक्री में लगे रहे. ये लोग साकची और मानगो ब्रिज पर लगे जुस्को के नलों से पानी भर कर बेच रहे थे. 70 रुपये प्रति गैलन तक पानी बेचा गया. आजाद नगर के इरफान ने बताया कि उन्होंने तीन गैलन पानी खरीदा तब जाकर घर के रूटीन के काम-काज संपन्न हुए.

पटरी से उतरी दिनचर्या

मानगो में दो दिन से पानी नहीं आ रहा है. शनिवार को भी पानी नहीं आने से ज्यादातर लोग सुबह बिना नहाए ही काम पर निकल गए. लोगों ने खाना वगैरह बनाने के लिए कहीं से बाल्टी-दो बाल्टी पानी का जुगाड़ किया. पानी के चलते मानगोवासियों की दिनचर्या पटरी से उतरी नजर आई.

पानी भरने को रहीं लंबी कतारें

जिनके घरों में सबमर्सिबल लगा है वहां तो ठीक लेकिन बाकी लोग पानी के लिए परेशान रहे. बस्तियों में पानी का संकट रहा. यहां महिलाएं पानी भरने के लिए टैंकर के पास लंबी कतारें लगी रहीं.

साकची से ढोया गया पानी

मानगो के लोगों ने पिकप वाहन, टेंपो और रिक्शा आदि पर गैलन लाद कर पानी भरा. शंकोसाई के रमेश कुमार आइसीआइसीआइ बैंक में काम करते हैं. वो अपनी नैनो कार से गैलन में पानी भर कर लाए. आजाद नगर के अकरम ओल्ड पुरुलिया रोड स्थित अपने चाचा के घर से पानी भर कर लाए. मानगो में अधिकतर अपार्टमेंटों और कुछ मकानों में सबमर्सिबल लगा है. मानगो जलापूर्ति योजना ठप होने से सबमर्सिबल वाले घर लोगों का सहारा बने. लोग अपने रिश्तेदारों के यहां गए और यहां नहाया-धोया. खाना आदि बनाने के लिए भी यहां से पानी लाया गया.

सोशल मीडिया पर निकाली भड़ास

मानगो में तीन दिन से पानी की दिक्कत झेल रहे लोगों ने सोशल मीडिया पर अपनी भड़ास निकाली. मानगो विकास समिति के ओंकार सिंह ने वाट्स एप पर लिखा कि अधिकारी आखिर अपने वादे पर खरे नहीं उतरे. शनिवार की रात आठ बजे तक जलापूर्ति चालू करने का वादा खोखला साबित हुआ. रंजीत ने भी पानी बिजली के संकट के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराया.

इन इलाकों में रहा अधिक संकट

मानगो के आजादनगर, शंकोसाई, मुंशी मोहल्ला, ओल्ड पुरुलिया रोड, जाकिर नगर, जवाहर नगर, कुमरुम बस्ती, पोस्ट आफिस रोड, मुंशी मोहल्ला, दाईगुट्टू, शंकोसाई, सुभाष कॉलोनी, टीचर्स कॉलोनी, इकरा कॉलोनी, चेपा पुल, पारडीह, डिमना, गरीब नवाज कॉलोनी, उलीडीह, उलीडीह राजा मैदान, बिरसा रोड, चूना शाह कॉलोनी, मुस्तफा खेती आदि.