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गोताखोर संभालेंगे गंगा-यमुना में श्रद्धालुओं की सुरक्षा का दायित्व

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कंट्रोल रूम अलग से बनाए जाएंगे जल पुलिस के लिए

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थाना जल पुलिस का स्थापित होगा कुंभ मेला एरिया में

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नाव कुंभ मेला में सुरक्षा के मद्देनजर लगाई जाएंगी

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वाटर वॉच चौकियों पर तैनात किए जाएंगे दूरबीन से लैस जवान

-कुंभ में मोटरचालित नाव पर बनाई जाएंगी वाटर वॉच चौकियां

-इन चौकियों पर तैनात तैराकी में दक्ष जल पुलिस के जवान दूरबीन से रखेंगे नजर

PRAYAGRAJ: कुंभ मेला में जल सुरक्षा को लेकर की गई चक्रव्यूह संरचना किसी किले से कम नहीं है. इस चक्रव्यूह को भेद पाना असुरक्षा के दानवों के बस की बात नहीं होगी. जल में असुरक्षा से जंग की तैयारी में जुटी पुलिस द्वारा काफी मजबूत बंदोबस्त किए गए हैं. इस बार पिछले वर्षो की अपेक्षा जल पुलिस के दो थाने अधिक बनाए जाएंगे. दूरबीन से लैस जवान वाटर वॉच चौकियों पर तैनात होंगे. यह जवान दूरबीन के माध्यम से दूर तलक पैनी नजर रखेंगे.

लगाई गई है ड्यूटी

मेला में जल सुरक्षा के मद्देनजर 200 गोताखोर तैनात किए जाएंगे. दो-दो की संख्या में इनकी ड्यूटी जगह-जगह लगाई जाएगी. स्नान घाट के आसपास भी ये तैनात किए जाएंगे. वाटर वॉच चौकियों पर दो गोताखोर व दो जवानों की तैनाती होगी. गोताखोर हर वक्त किसी भी स्थिति में लोगों को बचाने के लिए अलर्ट मुद्रा में होंगे. जबकि जल पुलिस का एक जवान दूरबीन से चारों तरफ पानी पर नजर रखेगा. इतना ही नहीं 225 नाव जल पुलिस द्वारा लगाई जाएंगी. हर नाव से सिर्फ निगरानी के कार्य किए जाएंगे.

तीन समय चेक किए जाएंगे घाट

मेला में बनाने जाने वाले स्नान घाटों की तीन समय सुबह, दोपहर और शाम चेकिंग की जाएगी. जल पुलिस व गोताखोर घाटों पर पानी के बहाव व उसकी गहराई का पता लगाएंगे. बहाव तेज होने या गहरान बढ़ने की दशा में घाट पर पानी में की जाने वाली रस्सी से उचित स्थान पर घेरा जाएगा.

जल में श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. इस बार कुछ खास वाटर वाचर चौकियां व दूरबीन जैसी व्यवस्थाएं की गई हैं. तीन समय घाटनों की चेकिंग विशेष तौर से की जाएगी.

-अशोक कुमार पांडेय, पुलिस उपाधीक्षक जल कुंभ