क्त्रन्हृष्ट॥ढ्ढ : राजधानी में लगातार पांचवें दिन पानी की समस्या बरकरार रही. पानी के लिए लोग सड़क पर उतरे. उधर, विभाग दावा कर रहा है कि गुरुवार देर शाम तक शहर के तकरीबन सभी हिस्सों में जलापूर्ति शुरू कर दी गई है. लेकिन, विभाग के दावों से हटकर देखें तो पांच दिनों से प्यासे लोगों के लिए यह पर्याप्त नहीं है. इतना ही नहीं अभी भी दूषित पानी की आपूर्ति हो रही है. कई लोगों ने बताया कि आपूर्ति किया गया पानी पीने योग्य तो कतई नहीं है.

मिल रहा गंदा पानी

गुरुवार को शहर को पानी तो मिला लेकिन समस्या का समाधान नहीं. जिन क्षेत्रों में अहले सुबह पानी की सप्लाई हुई वहां भी कई प्रकार की समस्याएं आई. पानी की गंदगी को ले कर लोगों की परेशानी बनी रही. यहां पहले से ज्यादा गंदा पानी सप्लाई हुआ है. पीले रंग का पानी और उसमें मिले कचरे से लोगों को अभी तक निजाद नहीं मिल पाया है. जिस पानी का इंतजार हर घर को था उसके आने पर भी उपयोग नहीं किया जा सका.

मात्र 10 मिनट ही नल से गिरा पानी

रातू रोड को पांच दिनों बाद पानी मिला, लेकिन बस इतना कि लोग बस चार बाल्टी पानी भर सके. बड़ा क्षेत्र होने के कारण सप्लाई पाइप के अंतिम छोर में पानी मुश्किल से 10 मिनट के ही मिल सका. पानी का प्रवाह भी काफी कम था. मधुकम के कई ऐसे क्षेत्र हैं जहां पानी मिला ही नहीं.

¨हदपीढ़ी को नही मिला पानी, किया रोड जाम

¨हदपीढ़ी के लोग गुरुवार को भी प्यासे रहे. ऐसे में पानी के लिए त्राहिमाम कर रहे लोगों ने बुधवार को तीन घंटे रोड तक रोड जाम रखा. देर शाम तकरीबन 8 बजे तक इस क्षेत्र को पानी मिला, लेकिन दिन भर समस्या इतनी गंभीर रही कि लोग बिना नहाए रोजा रखने और इफ्तार करने पर मजबूर थे.

सोशल मीडिया का मुद्दा बना बिजली-पानी संकट

बिजल-पानी समस्या का जिक्र घर और मोहल्लों के अलावा अब सोशल मीडिया पर भी होने लगा है. अपनी समस्याओं को ले कर शहर के लोग लगातार तस्वीरें ओर विचार पोस्ट कर रहे हैं. केवल युवा ही नहीं बड़े और महिलाएं भी अपनी बातें रखने का प्रयास कर रही हैं, कोई गंदा पानी तो कोई बंद शौचालय पोस्ट कर रहा है.