- नगर निगम ने चिह्नित किए जल भराव वाले 39 इलाके

- पांच सालों में एक भी इलाका नहीं उबरा वाटर लॉगिंग से

Meerut. नासूर बन चुकी वाटर लॉगिंग की समस्या से शहर को निजात नहीं मिल पा रही है. हाल यह है कि आधा से अधिक शहर हल्की सी बारिश को भी नहीं झेल पाता और जलभराव की समस्या खड़ी हो जाती है. ऐसे इलाकों की सबसे बड़ी समस्या यहां बरसात के पानी की उचित निकासी न होना है. मानसून आते ही यहां के लोगों पर जलभराव और गंदगी की मार का खौफ हावी हो जाता है.

पांच सालों से एक ही सूची

दरअसल, शहर में वॉटर लॉगिंग वाले क्षेत्रों का सर्वे कर नगर निगम ने 2010 में प्रभावित इलाकों की एक सूची तैयार की थी. चौंकाने वाली बात यह है कि आज तक इस सूची में शामिल एक भी क्षेत्र में वाटर लॉगिंग की समस्या पर काम नहीं किया गया. निगम के रिकॉर्ड में शहर के ऐसे 39 क्षेत्र हैं जहां न केवल पानी के निकासी की समस्या है, बल्कि हल्की बारिश से यहां का जीवन नरकीय हो जाता है.

ये हैं वाटर लॉगिंग के मुख्य क्षेत्र --

दिल्ली रोड जोन

- नगर निगम कार्यालय के सामने घंटाघर तक

-मेट्रो प्लाजा से झंडे वाले की दुकान तक

-दिल्ली चुंगी के सामने

-मलियाना

-पिलोखड़ी रोड पर श्याम नगर

-प्रहलाद नगर

-माधवपुरम पुलिस चौकी के सामने

कंकरखेड़ा जोन

-रोहटा रोड

-देव पार्क बागपत रोड

सूरजकुंड जोन

- सोतीगंज दिल्ली रोड से गढ़ रोड के बीच

- कैलाशपुरी नंदन सिनेमा से इंद्रागेट

- जैदी सोसाइटी

- जाग्रति विहार सेक्टर पांच, छह और तीन

-शास्त्रीनगर सेक्टर तीन

-जयदेवी नगर मोड

-गोला कुआं सूत मार्केट

आफिशियल वर्जन

जलभराव से प्रभावित क्षेत्रों के लिए कार्य योजना बनाई जा रही है. कुछ क्षेत्रों में कार्य भी शुरू किया गया है. जल्द ही समस्या से पार पा लिया जाएगा.

-कुलभूषण वाष्र्णेय, चीफ इंजीनियर नगर निगम

नरक हो गया जीवन

बरसात आते ही पूरा क्षेत्र पानी में डूब जाता है. जलभराव के कारण यह के नाली खड़ंजे भी बैठ गए हैं. नगर निगम में कई बार शिकायत की गई पर कोई कार्रवाई नहीं हो पाई.

-डॉ. आदेश शर्मा, घंटाघर

बरसात के दिनों में यहां दुर्दशा हो जाती है. जलभराव के कारण पूरा क्षेत्र चोक हो जाता है. ऊपर से मच्छर और गंदगी से तमाम बीमारियां पैदा हो जाती हैं.

-अमित खारी, गोला कुआं

पार्षद हर बार यह कहकर वोट मांगता है कि जलभराव की समस्या को खत्म कराया जाएगा, लेकिन कई पार्षद आए और गए पर जलभराव की समस्या जस की तस बनी हुई है.

-मुख्तियार सिंह, जैदी सोसायटी

जलभराव की समस्या की हद यह है कि यहां से मकान बेचने की फिराक में हैं, लेकिन नीचा पड़ चुके क्षेत्र के चलते यहां कोई खरीदार भी नहीं आता. पूरा जीवन नरक बन गया है.

-सुनील वर्मा, विकासपुरी