प्रथम पूज्य गणेश जी सभी विघ्न-बाधाओं को दूर करने वाले और सबके कष्टों को हर लेने वाले हैं। अगर हम बुधवार के दिन उनकी विधि—विधान से पूजा करें तो वे अवश्य प्रसन्न होते हैं और उनकी कृपा उनके भक्तों को प्राप्त होती है।

गणपति के पांच महा मंत्र होते हैं, अगर इनमें से हम किसी एक का बुधवार को जाप करें तो हमें अपने दुखों से मुक्ति मिलती है और मनोवांछित फल प्राप्त होता है।

आइए ज्‍योतिषाचार्य पंडित श्रीपति त्रिपाठी से जानते हैं कि गणपति के वे 5 महा मंत्र कौन से हैं—

गणपति के 5 महा मंत्र,हर बुधवार जाप करने से मनोकामनाएं होंगी पूरी

1. ‘’ऊँ वक्रतुण्ड महाकाय सूर्य कोटि समप्रभ:।

निर्विघ्नं कुरू मे देव, सर्व कार्येषु सर्वदा।।”

2. बिगड़े काम सुधारने के लिए गणेश मंत्र

‘’त्रयीमयायाखिलबुद्धिदात्रे बुद्धिप्रदीपाय सुराधिपाय।

नित्याय सत्याय च नित्यबुद्धि नित्यं निरीहाय नमोस्तु नित्यम्।।”

3. गणेश गायत्री मंत्र

‘’ऊँ एकदन्ताय विहे वक्रतुण्डाय धीमहि तन्नो दन्तिः प्रचोदयात्।’’

4. गजानंद एकाक्षर मंत्र

‘’ऊँ गं गणपतये नमः।।‘’

5. परेशानियों को दूर करने के लिए

गणपति के 5 महा मंत्र,हर बुधवार जाप करने से मनोकामनाएं होंगी पूरी

‘’गणपतिर्विघ्नराजो लम्बतुण्डो गजाननः।

द्वैमातुरश्च हेरम्ब एकदन्तो गणाधिपः॥

विनायकश्चारुकर्णः पशुपालो भवात्मजः।

द्वादशैतानि नामानि प्रातरुत्थाय यः पठेत्‌॥

विश्वं तस्य भवेद्वश्यं न च विघ्नं भवेत्‌ क्वचित्‌’’

6. ग्रह दोष से रक्षा के लिए मंत्र

‘’णपूज्यो वक्रतुण्ड एकदंष्ट्री त्रियम्बक:।

नीलग्रीवो लम्बोदरो विकटो विघ्रराजक:।।

धूम्रवर्णों भालचन्द्रो दशमस्तु विनायक:।

गणपर्तिहस्तिमुखो द्वादशारे यजेद्गणम्।।‘’

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