राजधानी को खुले में शौच जाने को लेकर बिहार की राजधानी पटना मे एक अनोखा निर्णय आया है. अब सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों को निगम में यह शपथ पत्र देना होगा कि वह और उनका परिवार खुले में शौच नहीं जाते हैं. शिक्षक ही नहीं हेड मास्टर पर भी यह व्यवस्था लागू होगी. नगर निगम ने इसके लिए शपथ पत्र भी तैयार कर लिया है. जल्द ही पटना के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में यह शपथ पत्र भेजा जाएगा.

डीईओ को भेजा गया पत्र

पटना नगर निगम के अपर नगर आयुक्त की ओर से जिला शिक्षा पदाधिकारी को एक पत्र भेजा गया है. जिसमें कहा गया है कि स्वच्छ भारत मिशन शहरी के तहत ओडीएफ घोषित किए जाने के लिए निगम को लक्ष्य दिया गया है. आदेश के आलोक में नगर निगम के दायरे में आने वाले वार्ड में चल रहे सरकारी और निजी स्कूल के हेडमास्टर, शिक्षक और छात्रों से एक शपथ पत्र लिया जाना है. जिसमें उन्हें घोषणा करनी होगी कि विद्यालय के छात्र, शिक्षक से लेकर परिवार के सदस्य तक खुले में शौच को नहीं जाते हैं. वह शौचालय का इस्तेमाल करते हैं. निगम ने सभी स्कूलों के हेडमास्टर और प्राइवेट स्कूलों के प्रबंधन से यह जानकारी जल्द से जल्द निगम मुख्यालय को देने का आग्रह किया है. सरकारी स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि वह वांछित शपथ पत्र हेड मास्टर, शिक्षक और छात्र से लेकर 15 दिन के अंदर निगम मुख्यालय को भेजें.