कानपुर। भारतीय क्रिकेट टीम के लिए 10 साल तक खेले बल्लेबाज गौतम गंभीर ने आखिरकार क्रिकेट को अलविदा कह दिया। गंभीर ने मंगलवार को सोशल मीडिया के जरिए रिटायरमेंट की घोषणा की। गंभीर पिछले कई सालों से टीम इंडिया में वापसी का इंतजार कर रहे थे। मगर विराट कोहली की टीम में जब उन्हें जगह नहीं मिली तो उन्हें क्रिकेट छोड़ना ही बेहतर लगा। विराट ने जब अपना क्रिकेट करियर शुरु किया उस वक्त गंभीर एक बड़े प्लेसर बन चुके थे। एक मैच में तो दोनों साथ खेले थे जिसमें गंभीर ने विराट से ज्यादा रन बनाए थे। इसके बाद जब उन्हें मैन ऑफ द मैच दिया गया तो गंभीर ने इसे विराट कोहली को सौंप दिया था।
जब गौतम गंभीर ने अपना मैन ऑफ द मैच अवार्ड कोहली को दे दिया,ऐसी थी वजह
साल 2009 में खेला गया था वो मैच
साल 2009 की बात है, तब श्रीलंकाई टीम भारत दौरे पर थी। सीरीज का चौथा वनडे कोलकाता के ईडन गार्डन में खेला गया। इस मैच में भारतीय टीम फंसी नजर आ रही थी तब विराट और गंभीर की जोड़ी ने न सिर्फ टी को मुश्किल से निकाला बल्कि जीत भी दिलाई। क्रिकइन्फो के डेटा के मुताबिक, मेहमान श्रीलंका ने पहले खेलते हुए निर्धारित 50 ओवर में 6 विकेट के नुकसान पर 315 रन बनाए। अब भारत को जीत के लिए 316 रन चाहिए थे, उस वक्त यह स्कोर काफी बड़ा माना जाता था। भारत की तरफ से ओपनिंग करने आए वीरेंद्र सहवाग (10) और सचिन तेंदुलकर (8) कुछ खास नहीं कर पाए। अब भारत पर दबाव आ चुका था। फिर क्रीज पर बैटिंग करने आए युवा बल्लेबाज विराट कोहली, तब कोहली को भारत के लिए खेलते सिर्फ एक साल हुआ था। उस वक्त उनके बल्ले से एक शतक तक नहीं निकला था। मगर तीसरे विकेट के लिए विराट ने गंभीर का अच्छा साथ निभाया और दोनों ने 224 रनों की साझेदारी की।
जब गौतम गंभीर ने अपना मैन ऑफ द मैच अवार्ड कोहली को दे दिया,ऐसी थी वजह
इस वजह से गंभीर ने कोहली को दिया अपना अवाॅर्ड
इस मैच में विराट ने शानदार 107 रन की शतकीय पारी खेली, यह विराट का पहला वनडे शतक था। कोहली के आउट होने के बाद गंभीर क्रीज पर डटे रहे और नाबाद 150 रन बनाकर भारत को जीत दिलाते ही पवेलियन लौटे। गंभीर को इस बेहतरीन पारी के लिए मैन ऑफ द मैच घोषित किया। गंभीर को जब अवाॅर्ड लेने बुलाया गया तो उन्होंने यह पुरस्कार विराट कोहली को देने की बात कही। तब गंभीर का कहना था, 'भारत के दो विकेट जल्दी गिर जाने के बाद विराट ने जिस तरह मेरा सपोर्ट किया। वह काबिलेतारीफ है। उसने पाॅजिटीव क्रिकेट खेला और मेरे ऊपर से दबाव हटाया।' गंभीर को उसी दिन अंदाजा लग गया था कि विराट यहीं नहीं रुकने वाले।

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