-माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड में कई साल से नहीं हो सकी शिक्षकों की नियुक्ति

-2013 के बाद से नहीं फाइनल हो सकीं रिक्तियां

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PRAYAGAR: सूबे के सरकारी और सहायता प्राप्त अशासकीय इंटर कॉलेजों में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए सरकार की ओर से लगातार निर्देश दिए जा रहे हैं। अधिकारियों से भी लगातार स्कूलों में शैक्षिक गुणवत्ता की मॉनीटरिंग करने का निर्देश दिया जा रहा है। लेकिन बिना शिक्षकों के स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता कैसी बढ़ाई जाए, इस पर किसी का ध्यान नहीं जा रहा है। सूबे के सिर्फ एडेड स्कूलों में बरसों से प्रवक्ता और एलटी ग्रेड शिक्षकों के हजारों पद रिक्त पड़े हैं। इस पर 2013 से अभी तक नियुक्ति नहीं हो सकी है। 2016 में माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की तरफ से एलटी ग्रेड शिक्षक व प्रवक्ता पर आवेदन मांगे गए थे। कई साल इंतजार के बाद 2019 में लिखित परीक्षा का आयोजन हुआ। उसके बाद से मामला अटका पड़ा हुआ है।

चार साल से शून्य है सेशन

एडेड इंटर कालेजों में जॉब के लिए तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि चार साल से माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड का सेशन रिक्त पड़ा है। 2013 के बाद 2014, 2015, 2017 और 2018 में कोई भी वैकेंसी बोर्ड की तरफ से नहीं जारी हो सकी। जबकि रिटायर होने वाले टीचर्स की संख्या लगातार बढ़ रही है। बिना टीचर्स के न तो स्कूलों में शैक्षिक गुणवत्ता को बढ़ाया जा सकता है और ना ही स्कूलों में सुधार किया जा सकता है। वहीं प्रतियेागियों का आरोप है कि सालों से वह इसी उम्मीद में तैयारी में जुटे है, लेकिन अभी तक नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है।

वर्जन

चयन बोर्ड की कार्य प्रणाली से प्रतियोगियों में रोष है। वर्ष 2014,2015 और 2017 व 2018 में माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की तरफ से कोई भी वैकेंसी नहीं जारी की गई। जिससे प्रतियोगियों का भविष्य अंधेरे में है।

-विक्की खान

संयोजक, मा.शि.से। चयन बोर्ड प्रतियोगी मोर्चा