आखिर कब खत्म होगी शहर के लोगों की कहीं भी कचरा फेंकने की आदत

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PRAYAGRAJ: दीपावली पर मां लक्ष्मी को जगाने और उनकी कृपा पाने के लिए लोगों ने घरों और दुकानों को खूब चमकाया. एक-एक कोने की सफाई कर कचरा घर से बाहर निकाला. इससे लोगों का घर, दुकान आदि तो साफ हो गए, लेकिन पूरा शहर गंदा हो गया. जहां मन किया वहीं कचरा फेंक दिया गया. इसकी वजह से धनतेरस और छोटी दीपावली पर शहर गंदगी से बजबजाता रहा. नगर निगम कर्मचारियों ने भी केवल मुख्य बाजारों व इलाकों में झाड़ू लगाकर अपना काम पूरा कर लिया. अब सवाल ये उठ रहा है कि गंदगी से बजबजा रहे और जगह-जगह कचरे के ढेर लगे शहर में मां लक्ष्मी की कृपा कैसे होगी? शहर को स्वच्छ बनाए रखना आखिर किसकी जिम्मेदारी है? केवल नगर निगम एडमिनिस्ट्रेशन की या फिर शहर में रहने वाले वाशिंदों की भी?

विश्व आमंत्रित, नहीं बदली आदत

संगमनगरी इलाहाबाद स्मार्ट सिटी घोषित हो चुका है. कुंभ मेला 2019 के लिए 192 देशों के साथ ही पूरे विश्व को आमंत्रित किया गया है. करोड़ों तीर्थयात्रियों का रेला प्रयागराज में आएगा. इसके लिए शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने का अभियान चल रहा है. लेकिन यहां के वाशिंदों की आदत नहीं बदल रही है. मंगलवार को दैनिक जागरण आईनेक्स्ट रिपोर्टर ने रियलिटी चेक किया तो यही हकीकत सामने आई.

ये है शहर की स्थिति

- गलियों में जगह-जगह कचरे का ढेर लगा हुआ है.

- कचरे में केवल कूड़ा नहीं बल्कि मलवा भी फेंका जा रहा है.

- पुराने बिस्तर, कबाड़ के सामान आदि भी कचरे के ढेर पड़े हैं

- पुराने शहर के चौक, घंटाघर, लोकनाथ, बहादुरगंज, नखासकोहना, खुल्दाबाद आदि एरिया में तो सुबह झाड़ू लगने के थोड़ी देर बाद ही फिर भर जाता है कचरा

- दुकानदारों द्वारा दुकान खोलने के बाद कचरा सड़क पर फेंक दिया जाता है.

व्यवस्था पहले से ही है चौपट

शहर की ध्वस्त हो चुकी सफाई व्यवस्था के लिए अकेले पब्लिक दोषी नहीं है. नगर निगम एडमिनिस्ट्रेशन के साथ ही हरी-भरी भी पूरी तरह जिम्मेदार है. लापरवाही से डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन नहीं हो पा रहा है और कचरा रोड पर फैल रहा है.

दीपावली पर इस बार सफाई व्यवस्था कुछ ज्यादा ही ध्वस्त हो गई है. गलियों में व सड़कों पर कचरे का ढेर लगा हुआ है. दो-तीन दिन से कूड़ा नहीं उठ रहा है. आठ-आठ कर्मचारी गायब हैं. लोगों को जवाब दे पाना मुश्किल है.

सत्येंद्र चोपड़ा

पार्षद चौक, लोकनाथ

हरी-भरी की लापरवाही से सीपी-डीपी नहीं उठ पा रहा है. वहीं सीपी डीपी की कमी भी है. कूड़ा अड्डा कंटेनर भर जाता है. इससे हॉलैंड हॉल के पास जमीन पर कचरा फेंका जाता है. इसकी वजह से कूड़ा नहीं उठ पाता है. दो-तीन दिन तक कूड़ा पड़ा रहता है.

आनंद घिल्डियाल

पार्षद, कर्नलगंज

शहर में सफाई कर्मचारियों की कमी के कारण ज्यादातर बीट खाली है. वहीं सफाई व्यवस्था का प्रेशर लगातार बना हुआ है. दीपावली के दौरान तो समस्या और बढ़ गई है. पब्लिक की भी जिम्मेदारी है कि वह वार्ड को स्वच्छ बनाने में सहयोग करे. कचरे को निर्धारित स्थान पर ही फेंका जाए.

जयेंद्र कुमार

पार्षद म्योराबाद

नगर निगम एडमिनिस्ट्रेशन द्वारा दावा किया जा रहा है कि कुंभ के दौरान शहर पूरी तरह स्वच्छ रहेगा. चमकता रहेगा. मेरा सवाल ये है कि जब नगर निगम शहर की आबादी को नहीं झेल पा रहा है, तो फिर करोड़ों की भीड़ और उनके द्वारा फैलाए गए कचरे को कैसे कंट्रोल कर पाएगा.

कमलेश सिंह

पार्षद अलोपीबाग

कर्मचारियों की कमी से शहर की सफाई व्यवस्था कुछ बिगड़ी है. इसे बेहतर बनाने का पूरा प्रयास हो रहा है. लोगों को भी अपनी आदतों को बदलना होगा. कचरा कहीं भी फेंकने की बजाय, निर्धारित समय पर और निर्धारित स्थान पर ही फेंकना होगा. तभी प्रयागराज पूरी तरह से स्वच्छ और सुंदर दिखेगा.

अभिलाषा गुप्ता

मेयर

नगर निगम प्रयागराज