-बड़ा सवाल: मॉल के गेट को तोड़कर क्यों वापस लौट गई प्रशासन और निगम की टीम

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क्कन्ञ्जहृन्: अतिक्रमण अभियान पर शनिवार को उस वक्त बड़ा सवाल खड़ा हो गया जब पीएंडएम मॉल के पास पहुंचकर अफसरों का जोश ठंडा पड़ गया. आप पास के अतिक्रमण को साफ किया गया लेकिन एक कॉल ने पूरा अभियान ही ठंडा कर दिया. सवाल यह है कि फोन किसने और क्यों किया जिससे जेसीबी में ब्रेक लग गई. इस मामले के बाद आस पास के लोगों ने भी सवाल खड़ा कर प्रशासन पर पक्षपात करने का आरोप लगाया.

सड़क को लील गया है पीएंडएम

इंक्रोचमेंट हटाने के नाम पर शहर भर में हड़कंप मचाने वाला जिला प्रशासन और नगर निगम को पीएंडएम मॉल से बैरंग लौटना पड़ा. शनिवार को निगम की टीम सिर्फ मॉल के गेट को गिराकर वापस लौट गई. इस दौरान पास के ही कुछ रेस्टोरेंट और दुकानों को तहश-नहश कर दिया गया. जबकि करोड़ों का व्यवसाय करने वाले पीएंडएम मॉल की बाउंड्री ज्यों की त्यों छोड़ दिया गया. दैनिक जागरण आई नेक्स्ट ने जब इस मामले में पड़ताल की तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ. रिपोर्टर ने जब कलेक्टर और एनसीसी अंचल के ईओ से सवाल पूछा तो उनका जवाब हैरान करने वाला था. उन्होंने कहा कि हमने ठीक से नापी नहीं की थी इसलिए पीएंडएम मॉल को छोड़ दिया.

एक फोन पर बैरंग लौटी टीम

सड़क पर यातायात अवरुद्ध करने वाले पीएंडएम मॉल की करीब आठ फीट बाउंड्री को गिराने पहुंची अतिक्रमण दस्ते की टीम का मॉल के मालिक ने विरोध शुरू कर दिया. कुछ ही देर में मॉल के सभी कर्मचारी और दुकानदार मौके पर इकट्ठा हो गए. उनका रूख देखते हुए नगर निगम और मौके पर पहुंची पुलिस टीम पीछे हटने लगी. इसी बीच कलेक्टर कुमार रवि को एक कॉल आई. जिस पर कलेक्टर ने निगम को पहले नापी करने का निर्देश जारी कर दिया फिर तोड़ने की बात कही.

कई भवनों पर हो चुकी कार्रवाई

इससे पूर्व जिला प्रशासन तथा नगर निगम ने शहर के कई बड़े इमारत और कॉमर्शियल भवन को तोड़ा जहां मकान मालिकों के किसी भी दलील को नहीं सुनी गई. जिसमें सिसोदिया भवन के मालिक डॉ. संजीव कुमार की कहानी अभी भी ताजा ही है. दूसरी बड़ी कार्रवाई में करीब एक सप्ताह पूर्व नगर निगम ने पारस हॉस्पिटल की बाउंड्री को भी जमीदोंज कर दिया था. यहां तक कि बोरिंग रोड चौराहे पर भगवान शिव की मंदिर के अतिक्रमण को भी हटा दिया गया था. ऐसे में पीएंडएम मॉल की बाउंड्री तोड़ने गई टीम का इस कदर वापस लौटना शहर में चर्चा का विषय बन गया है.

झुग्गी हटाने तक सिमटा कैंपेन

नगर निगम की कार्रवाई बस झुग्गी-झोपडि़यों तक सिमट चुकी है. तीन दिनों की कार्रवाई में निगम ने अवैध निर्माण को कम और झुग्गी-झोपडि़यों को ज्यादा हटा रहा है. शनिवार को कुर्जी मार्ग पर कई फुटपाथ की दुकानों को तोड़ा लेकिन कई अवैध बाउंड्री और बिल्डिंग को छुआ तक नहीं गया.