भारी मन से उठे
यूके में हाल ही में करीब 1000 एडल्‍ट पर सर्वे किया गया। जिसमें उनके सोने के तरीके को पर फोकस किया गया। इसमें रात में सोने के तरीके से जुड़ी कई बाते सामने आई हैं। विशेषज्ञो ने पाया कि जो रात में एक सही दिशा में सोए और सुबह फ्रेश मूड में उठे तो उनका पूरा दिन काफी अच्‍छे से बीता। वहीं जिन लोगों के सोने और उठने की दिशा गलत थी वो रात भर भरपूर नींद सोने के बाद भी सुबह भारी मन से उठे। इस दौरान वे दिन भर चिड़चिड़ाते रहे। घर से लेकर ऑफिस तक उनका पूरा समय उलझन और अपनी थकावट में बीत गया। जिसकी वजह से उनका काम भी काफी हद तक प्रभावित होता है।

आपके चिड़चिड़े होने के पीछे है बिस्‍तर पर सोने का तरीका

बिल्‍कुल परफेक्‍ट बैठै
विशेषज्ञों के मुताबिक यानी की आपकी लाइफ स्‍टाइल में बेड और उसके उठने के तरीको का विशेष रोल है। इसी से आपका भविष्‍य भी तय होता है। पढाई से लेकर आफिस हर जगह इसका असर देखने को मिलता है। ऐसे में विशेषज्ञों का कहना है कि जो लोग बिस्‍तर के दाएं साइड से सोकर उठते हैं वे एनर्जी से भरे होते हैं। उनमें निराशा की भावना कम होती है। ऐसे में इस दिशा वाले लोग घर ऑफिस जॉब हर जगह बिल्‍कुल परफेक्‍ट बैठै। जब कि जो लोग बिस्‍तर के बाई ओर सोते हैं और वही से उठते हैं तो उनमें ऐसी परेशानियां गंभीरता से पाई गई हैं। उनमे निगेटिव एनर्जी भरी रही।

आपके चिड़चिड़े होने के पीछे है बिस्‍तर पर सोने का तरीका

बहुत बदलाव दिखें

वहीं इस संबंध में बड़े नींद विशेषज्ञ नील रॉबिन्सन का कहना है कि एक छोटी सी झपकी के मामले में भी यह बिस्‍तर की दिशा मायने रखती है। यानी की आप दाई साइड सोएं हैं या बाई साइड। इतना ही नही इस दौरान कुछ खास जोड़ो पर भी यह रिसर्च किया गया। उसमें आपसी सहमति में भी फर्क देखने को मिला। उनके बीच आपसी व्‍यवहार, प्‍यार और सोच विचार में बहुत बदलाव दिखें। शोध में यह भी बात सामने आई है कि जो लोग कमरों में बच्‍चों के साथ सोते हैं या फिर उनके पालतू जानवर उनके साथ सोते हैं तो वे खरार्टों या फिर उनके रोने की वजह से ठीक से नहीं सो पाते हैं। जिसका भी उनके स्‍वभाव पर खास फर्क देखने को मिला है।

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courtesy mailonline