मुंबई के असिस्टेंट पुलिस कमिश्नर सुनील देशमुख बताते हैं कि 32 साल की एक महिला ने अपने एक Twitter कॉनटैक्ट के खिलाफ पुलिस में मॉलेस्टेशन का केस फाइल किया है। इस FIR के पीछे की वजह यह है कि उस व्यक्ति ने महिला को ट्विटर पर दो बार मोटी कहकर संबोधित किया। यह महिला दादर की रहने वाली है और उसने अपने ट्विटर कांटैक्ट के खिलाफ सरेआम बेइज्जती का आरोप लगाते हुए मोलेस्टेशन का केस दर्ज कराया है।

Twitter पर बोला 'मोटे लोगों को जीने का कोई हक नहीं'
पुलिस का कहना है कि महिला को 'फैट' कहकर संबोधित करने वाला व्यक्ति अफ्रीका का रहने वाला है और उसने अपनी ट्वीट में कहा था कि मोटे लोगों को जीने का कोई अधिकार नहीं है। जब इस महिला ने उसके इस पोस्ट के खिलाफ अपना कमेंट दिया तो दोनों के बीच काफी बहस शुरू हो गई। दोनों ने एक दूसरे को काफी भला बुरा भी कहा और इस बहस में कई और ऑनलाइन यूजर्स भी कूद पडे। जब मुंबई की महिला और उस विदेशी आदमी के बीच बहस बहुत बढ़ गई तो उसने इस महिला को मोटी कहते हुए गालियां दीं।

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दादर डिवीजन के असिस्टेंट पुलिस कमिश्नर सुनील देशमुख के अनुसार महिला के स्टेटमेंट के आधार पर हमने सेक्शन 354 के तहत उस अनजान शख्स के खिलाफ मॉलेस्टेशन का मामला दर्ज कर लिया है। (आईपीसी की धारा 354 में महिलाओं की गरिमा को शब्द या बॉडी लैंग्वेज द्वारा चोट पहुंचाना अपराध माना जाता है)

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इस विदेशी अपराधी को खोजना नहीं है आसान
पुलिस का कहना है कि हम उस आदमी के Twitter ID और अकाउंट के आधार पर उसकी पहचान खोजने की कोशिश नहीं कर रहे हैं क्‍योंकि हम जानते हैं कि वह अफ्रीका में रहता है। इसलिए उसके यूजर नेम और प्रोफाइल के आधार पर उसे ढूंढना आसान नहीं होगा क्योंकि वह ID फर्जी हो सकती है। इसलिए हम उसे अलर्ट नहीं करना चाहते हैं कि वह अकाउंट छोड़कर चला जाए या वो भद्दे कमेंट डिलीट कर दे। फिलहाल यह मामला साइबर सेल को फॉरवर्ड किया जाएगा जो इसके आगे की जांच पड़ताल करेगी।

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