- प्राग नारायण रोड स्थित राजकीय महिला संप्रेक्षण गृह से 29 जुलाई को हुई लापता

- हजरतगंज कोतवाली में एफआईआर दर्ज, पुलिस खाली हाथ

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LUCKNOW: देवरिया में मां विंध्यवासिनी महिला प्रशिक्षण एवं समाज सेवा संस्थान में रहने वाली संवासिनियों से देह व्यापार कराए जाने के मामले को लेकर मचे हंगामे के बीच सोमवार को जब राजधानी के महिला संप्रेक्षण गृहों की जांच शुरू हुई तो प्राग नारायण रोड स्थित नारी संप्रेक्षण गृह से एक किशोरी के गायब होने की सूचना से हड़कंप मच गया. हालांकि, जिला प्रशासन का कहना है कि किशोरी खुद संप्रेक्षण गृह की दीवार लांघ कर भागी है और इसकी एफआईआर भी दर्ज है. पर, हैरानी की बात है कि एफआईआर दर्ज होने के आठ दिन बाद भी पुलिस किशोरी का सुराग लगा पाने में नाकाम साबित हुई है. वहीं, इस घटना ने नारी संप्रेक्षण गृह में मौजूदा सुरक्षा इंतजामों पर भी सवाल खड़े कर दिये हैं. जिला प्रशासन के अनुसार राजधानी में सभी बाल गृह, संप्रेक्षण गृहों की जांच रिपोर्ट मंगलवार की सुबह तक आ जाएगी.

किशोरी लापता मिलने पर उड़े होश
देवरिया में नारी संप्रेक्षण गृह में रहने वाली महिलाओं से देह व्यापार कराए जाने के खुलासे के बाद राजधानी में मौजूद नारी संप्रेक्षण गृहों की जांच शुरू हुई. सीएम ऑफिस से मिले निर्देशों के बाद जिला प्रशासन की टीम हरकत में आई और दोपहर के बाद टीमें निरीक्षण के लिए निकली. एसीएम फ‌र्स्ट प्रफुल्ल त्रिपाठी जांच के लिए प्राग नारायण रोड स्थित नारी संप्रेक्षण गृह व राजकीय बाल गृह शिशु का निरीक्षण पहुंचे. नारी संप्रेक्षण गृह में जांच के दौरान उन्हें पता चला कि एक 17 वर्षीया किशोरी यहां पर कम है. यह जानकारी मिलते ही उनके होश उड़ गए. नारी संप्रेक्षण गृह के अधिकारियों ने बताया कि यह किशोरी बीती 29 जुलाई को यहां से भाग गई. जिस पर अधीक्षिका आरती सिंह ने हजरतगंज कोतवाली में इस संबंध में एफआईआर भी दर्ज कराई थी.

घर जाने से किया था इंकार
इंस्पेक्टर माल के मुताबिक, एक किशोरी मई माह में घर से लापता हो गई थी. जिसके बाद उसके परिजनों ने एक युवक को नामजद करते हुए एफआईआर दर्ज कराई थी. परिजनों ने किशोरी की उम्र 17 वर्ष दर्ज कराई थी. पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी, इसी दौरान किशोरी ने हाईकोर्ट में अपना बयान दर्ज कराने की गुहार लगाई. हाईकोर्ट के निर्देश पर किशोरी का कोर्ट में कलमबंद बयान दर्ज कराया गया और उसका मेडिकल भी कराया गया. मेडिकल में किशोरी की उम्र 18 वर्ष के आसपास की निकली. उन्होंने बताया कि मेडिकल जांच के बाद किशोरी ने घर जाने से इंकार कर दिया, जिस पर उसे प्राग नारायण रोड स्थित नारी संप्रेक्षण गृह भेज दिया गया. हालांकि, 29 जुलाई को किशोरी संप्रेक्षण गृह से लापता हो गई. वहीं, जब इस बारे में मामले के विवेचक हजरतगंज कोतवाली की सुल्तानगंज चौकी के इंचार्ज से जानकारी मांगी गई तो उन्होंने बताया कि किशोरी को तलाशने की कोशिश की जा रही है लेकिन, अब तक उसका सुराग नहीं लग सका है.

काउंटिंग भी की गई
एसीएम फ‌र्स्ट के अनुसार यहां पर न्यू बॉर्न चाइल्ड से लेकर वयोवृद्ध महिला मौजूद हैं. इनकी कुल संख्या 77 है. इनकी काउंटिंग भी की गई. इनमें पांच लड़कियां नहीं थी. ये लड़कियां इलाज के लिए हॉस्पिटल गई थी या फिर पेशी पर भेजी गई थी. एक लड़की पॉलीटेक्निक की पढ़ाई कर रही है, इसके लिए उसने हॉस्टल में ही रूम ले रखा है. इसके लिए यहां से परमीशन दी गई है.

राष्ट्रपति के आगमन को लेकर तैयारियों के चलते मुख्य सचिव के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग और अन्य जगह व्यस्त रहा, संप्रेक्षण गृह व बाल गृहों की जांच के लिए जिला प्रशासन की टीम को लगाया गया है. एसीएम के साथ अन्य अधिकारी जांच कर मंगलवार सुबह रिपोर्ट सौपेंगे.
- कौशल राज शर्मा, जिलाधिकारी

यहां से एक लड़की बीते 29 जुलाई को भाग गई. इसकी रिपोर्ट भी थाने में दर्ज कराई गई है. इसकी मजीस्ट्रियल जांच कराए जाने की तैयारी है.
- प्रफुल्ल त्रिपाठी, एसीएम फ‌र्स्ट

- 04 महिला संप्रेक्षण गृह सरकारी हैं

- 13 का संचालन एनजीओ द्वारा किया जाता है