-अपर सांख्यिकी अधिकारी ने ट्रांसफर रुकवाने के लिये दी अर्जी तो अधिकारियों ने मांगी दो लाख रुपये रिश्वत

-सीएम के आदेश पर निदेशक समेत दो अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर

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LUCKNOW : इलाहाबाद स्थित अर्थ एवं संख्या कार्यालय में तैनात अपर सांख्यिकी अधिकारी अर्चना मिश्रा ने ट्रांसफर रोकने के एवज में रिश्वत मांगने पर अधिकारियों का स्टिंग कर लिया. उन्होंने अधिकारियों की ऑडियो क्लिप सीएम को भेज दी. सीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत आरोपी अधिकारियों को सस्पेंड करते हुए एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया. हुसैनगंज पुलिस ने अर्थ एवं संख्या विभाग के डायरेक्टर एके पवार और अपर सांख्यिकी अधिकारी शक्तिपाल सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

कानपुर कर दिया था ट्रांसफर

इंस्पेक्टर हुसैनगंज का प्रभार देख रहे केएन तिवारी के मुताबिक, अर्चना मिश्रा इलाहाबाद में अर्थ एवं संख्या कार्यालय में अपर सांख्यिकी अधिकारी के पद पर तैनात हैं. अर्चना के पति सुधीर कुमार सीआरपीएफ में असिस्टेंट कमांडेंट के पद पर इलाहाबाद में तैनात हैं. बीती 31 मई को राज्य नियोजन संस्थान, अर्थ एवं संख्या प्रभाग ने ज्ञापन जारी कर उनका ट्रांसफर कानपुर नगर कर दिया. अर्चना ने बताया कि बीती 3 मई को अपने कार्यालय से छुट्टी लेकर निदेशक एके पवार से मुलाकात कर ट्रांसफर आदेश एक साल के लिये रद्द करने की गुजारिश की. इस पर एके पवार ने उनसे कहा कि इलाहाबाद स्थित आईजी रजिस्ट्रेशन दफ्तर में तैनात अपर सांख्यिकी अधिकारी शक्तिपाल सिंह उनसे बात करेंगे.

फोन कॉल को कर लिया रिकॉर्ड

अर्चना ने बताया कि निदेशक पवार के आश्वासन पर वह वापस लौट गई. इसके बाद 13 मई की रात 8.30 बजे शक्तिपाल सिंह ने उन्हें फोन किया और कहा कि अगर वह ट्रांसफर रुकवाना चाहती हैं तो उन्हें दो लाख रुपये देने होंगे. यह सुनते ही अर्चना सन्न रह गई. अगले दिन अर्चना ने शक्तिपाल की शिकायत करने के लिये एके पवार को फोन किया लेकिन, उन्होंने कुछ भी सुनने से इंकार करते हुए शक्तिपाल से ही बात करने की सलाह दी. अर्चना ने बताया कि उन्होंने दोनों अधिकारियों से फोन पर हुई बातचीत की ऑडियो रिकॉर्ड कर ली. बीती 15 जून को उन्होंने सीएम योगी आदित्यनाथ को अर्जी व दोनों अधिकारियों से बातचीत की ऑडियो क्लिप भेज दी. सीएम योगी ने ऑडियो क्लिप सुनने के बाद निदेशक एके पवार और अपर सांख्यिकी अधिकारी शक्तिपाल सिंह को सस्पेंड कर दिया. साथ ही हुसैनगंज पुलिस को एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया.

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15 साल से एक ही जगह तैनात है आरोपी शक्तिपाल

अर्चना ने अपनी तहरीर में बताया कि आरोपी शक्तिपाल वर्ष 2003 से इलाहाबाद में ही तैनात है. अधिकारियों से सेटिंग की बदौलत उसका ट्रांसफर नहीं किया जाता. उन्होंने बताया कि शक्तिपाल सरकारी नौकरी के साथ-साथ बच्चों की कोचिंग भी चलाता है और उससे मोटी कमाई करता है.