- वन कर्मचारियों की शह पाकर बढ़ता अवैध कारोबार

- प्रभावी कार्रवाई का अभाव, माफियाओं पर नहीं कसा शिकंजा

GORAKHPUR: जिले के जंगलों में पेड़ों की अवैध कटान थमने के बजाय बढ़ती जा रही है. कटान संग वन तस्करों का दुस्साहस भी बढ़ने लगा है. जंगल में अतिक्रमण करने वालों पर प्रभावी कार्रवाई के अभाव में वन कर्मचारियों की जान खतरे में पड़ती है. शुक्रवार की रात सूबा सेक्शन के जंगल रामलखना में अवैध ढंग से पेड़ काट रहे तस्करों से वन विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों की सीधी मुठभेड़ में तिनकोनिया के डिप्टी रेंजर डीएन पांडेय घायल हो गए. मुठभेड़ की सूचना पर काबिंग करके पुलिस ने लग्जरी फोर व्हीलर, बाइक बरामद किया. लग्जरी कार के ड्राइवर को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ में जुटी है. एसएसपी ने कहा कि शिवचरन सहित नौ लोगों का नाम सामने आया है. सभी की तलाश में पुलिस टीम जुटी है. अभियुक्तों के खिलाफ हत्या के प्रयास, वन अधिनियमों सहित कई धाराओं में केस दर्ज कराया गया है.

टॉर्च जलाते ही तस्करों ने दागी गोली

शुक्रवार रात करीब 12 बजे डिप्टी रेंजर डीएन पांडेय अपने हमराहियों संग गश्त पर निकले थे. तभी सूचना मिली कि जंगल रामलखना में एक्टिव तस्कर पेड़ों की कटान कर रहे हैं. सूचना पाकर डिप्टी रेंजर अपनी टीम संग पहुंचे. करीब दो सौ मीटर की दूरी पर बाइक खड़ी कर दी. टॉर्च जलाकर पैदल करीब गए तो पेड़ों के काटने की आवाज आ रही थी. तस्करों की घेराबंदी के लिए डिप्टी रेंजर ने टॉर्च जला दी. पकड़े जाने के डर से तस्करों ने फायरिंग शुरू कर दी. डिप्टीे रेंजर के दाहिने कंधे के पास गोली लगी. वन कर्मचारियों ने जवाबी फायरिंग की तो तस्कर भाग निकले. मुठभेड़ की सूचना पर एसएसपी सहित अन्य पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे. घायल डीएन पांडेय को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया. शनिवार दोपहर ऑपरेशन के दौरान सीने के ऊपर फंसी बुलेट निकली.

लग्जरी वाहन से पार लगाते थे तस्करी की लकड़ी

घटनास्थल पर पुलिस ने एक लग्जरी वाहन और बाइक बरामद किया. अनिल कुमार गुप्ता के नाम से रजिस्टर्ड वाहन को ड्राइवर शादाब रात में लेकर गया था. चिलुआताल एरिया के जगतबेला का मूल निवासी शादाब मगहर में रहकर वाहन चलाता है. वह रोजाना ढाई हजार रुपए में देवरिया की ओर जाने की बात मालिक से कहकर निकलता था. रात में तीन बजे पहुंचकर गाड़ी खड़ी कर देता था. पुलिस टीम ने शादाब को दबोचकर पूछताछ की तो लकड़ी तस्करों के गैंग का नाम सामने आया. पता लगा कि उसी इलाके का शिवचरन तस्करी कराता है. हत्या के मुकदमे में बंद शिवचरन दो मई को जेल से छूटा था. उसके खिलाफ पहले से कई मामले दर्ज हैं.

मुठभेड़ों से सबक नहीं लेते वन कर्मचारी

कुसम्ही जंगल में अवैध ढंग से पेड़ों की कटान कोई नई बात नहीं है. एक रायफल के सहारे रात में गश्त करने वाले कर्मचारियों से कई बार तस्करों की मुठभेड़ हो चुकी है. बारिश के सीजन में अवैध कटान बढ़ जाती है. रात में गश्त के दौरान अक्सर गोलियां चलने का खतरा होत है. इसके बावजूद वन कर्मचारियों को संसाधनों से लैस नहीं किया जा रहा है. तस्करों के खिलाफ केस दर्ज कराने के बाद वन अधिकारी और कर्मचारी भी भूल जाते हैं. मुकदमों की पैरवी से लेकर माफियाओं की सूची तैयार कराने में लापरवाही की जाती है. इस वजह से तस्कर अवैध कारोबार में लगे रहते हैं. कुसम्ही जंगल, रामलखना सहित कई जंगल देवरिया के तस्करों के निशाने पर भी हैं.

पहले भी हो चुकी है भिड़ंत

15 जुलाई 2017: कुसम्ही जंगल में पेड़ काटने पहुंचे तस्करों ने वनकर्मचारियों पर हमला किया.

14 जून 2017: सूबा वन बीट में पेड़ काट रहे तस्करों ने वन कर्मचारियों पर गोली चलाई.

23 अप्रैल 2016: कुसम्ही जंगल में वन कर्मचारियों से मुठभेड़, कटा हुआ पेड़ छोड़कर भागे तस्कर

14 जनवरी 16: जंगल में मुठभेड़, लकड़ी छोड़कर तस्कर भागे, देवरिया निवासी तस्करों के इशारे पर मजदूरों ने पेड़ काटे थे.

28 अगस्त 2015. कुसम्ही जंगल में मुठभेड़, लकड़ी बरामद, देवरिया के तस्करों का नाम सामने आया.

28 सितंबर 2015: जंगल में पेड़ काटने की सूचना पर वन कर्मचारियों से मुठभेड़, फायरिंग में देवरिया की ओर तस्कर भागे.

27 नवंबर 2015: जंगल में मुठभेड़, तस्कर घायल, वन कर्मचारी को चोट लगी.

03 दिसंबर 2014: जंगल में वन कर्मचारियों से मुठभेड़ से रामलक्षन निवासी रमाशंकर, घटैला निवासी धीरू पकड़े गए.

वर्जन

जंगल में मुठभेड़ की सूचना मिली थी. इस मामले में एक व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. घटनास्थल से एक फोर व्हीलर और एक बाइक बरामद हुई है. इस मामले में शिवचरन का नाम सामने आया है. हत्या के मुकदमे में जेल से जमानत पर छूटे शिवचरन के नाम से कई मुकदमे दर्ज हैं.

शलभ माथुर, एसएसपी

हम लोग गश्त पर निकले थे. तभी सूचना मिली कि रामलखना में कुछ लोग पेड़ काट रहे हैं. हमने घेराबंदी कर पकड़ने का प्रयास किया तो तस्करों ने गोली चला दी. प्रभावी कार्रवाई के अभाव में तस्कर गोली चला रहे हैं. अभियान चलाकर कार्रवाई करने पर ही इनका मनोबल टूटेगा.

- डीएन पांडेय, डिप्टी रेंजर, तिनकोनिया रेंज