- मतदान से लौटे बैंककर्मी लेकिन ऑफिस में फैली है सुस्ती

- वीक केपहले दिन उमड़ी भीड़, धीमी रफ्तार के चलते प्रभावित हुए कार्य

GORAKHPUR: '19 मई को निर्वाचन आयोग की ड्यूटी में जाने के कारण 20 मई को कैश कार्य बाधित रहेगा.' सोमवार को पूर्वाचल बैंक के नौसड़ ब्रांच के गेट पर दिन भर यह पोस्टर लगा रहा। यह हाल किसी एक बैंक या ब्रांच का नहीं बल्कि शहर के सभी बैंकों की स्थिति सोमवार को यही रही। चुनाव में मतदान की प्रक्रिया पूरी करवाने के लिए ड्यूटी लगाए जाने के बाद ज्यादातर कर्मचारी देर रात को चुनाव ड्यूटी से मुक्त हुए। यही वजह है कि बैंक, पोस्ट ऑफिस, यूनिवर्सिटी सहित ज्यादातर सरकारी विभागों के कर्मचारी सोमवार को ऑफिस नहीं ज्वॉइन कर सके। इस वजह से सोमवार को कई बैंक ब्रांचों में डेली रूटीन के वर्क नहीं हो सके। एसबीआई व पूर्वाचल सहित कई बैंकों ने चुनाव ड्यूटी में शामिल हुए कर्मचारियों को छुट्टी दे दी है।

उमड़ी भीड़ लेकिन नहीं हुए कार्य

सोमवार को सप्ताह की शुरुआत होती है और इस दिन आमतौर पर बैंकों में ज्यादा भीड़ होती है। 20 मई को भी काफी लोग कैश जमा करने, निकालने, चेक जमा करने जैसे डेली रूटीन के लिए शहर के बैंकों में पहुंचे हुए थे। लेकिन कर्मचारियों की संख्या कम होने के कारण ज्यादातर लोगों को निराश लौटना पड़ा। कैश गिनने में लगने वाले समय और तकनीकी परेशानियों के कारण कैश निकासी का काम ज्यादातर बैंकों से नहीं किया गया। करीब 50 से अधिक बैंक ब्रांचेज ऐसे रहे जिनमें बैंक मैनेजर ही नहीं पहुंच सके।

कर्मचारी संगठन ने मांगी थी छुट्टी

पूर्वाचल बैंक अधिकारी संगठन ने महाप्रबंधक प्रशासन व आईटी को पत्र लिखकर चुनाव ड्यूटी में तैनात बैंककर्मियों के लिए 20 मई को छुट्टी की मांग की थी। संगठन ने पत्र के जरिए बताया था कि लोकसभा चुनाव में मतदान की ड्यूटी के दौरान बैंककर्मियों को 48 घंटे लगातार काम करना पड़ता है। ऐसे में ठीक अगले दिन बैंक ब्रांच में काम संभाल पाना मुश्किल होगा। हालांकि इस पत्र का कोई जवाब बैंक ने नहीं दिया था। इसके अलावा कुछ अन्य बैंककर्मियों के संगठनों ने भी एलडीएम से छुट्टी की मांग की थी।

बंद रहे कई बैंक ब्रांच

कर्मचारियों की चुनाव में ड्यूटी को पूरा करने में अधिक समय लग जाने के कारण कई बैंकों ने कर्मचारियों को अघोषित छुट्टी दे दी। जिसके कारण बैंकों में रूटीन काम के लिए जाने वालों को निराश लौटना पड़ा। पूर्वाचल बैंक के रीजनल मैनेजर अखिलेश सिंह ने बताया कि बड़ी संख्या में कर्मचारियों को देर रात तक चुनाव ड्यूटी में व्यवस्त रहना पड़ा। जिसके कारण वह सोमवार को बैंक में ड्यूटी नहीं जा सके। कर्मचारियों के अभाव में ज्यादातर ब्रांचेज बंद रहे और जो खुले भी उनमें सभी ग्राहकों को संतुष्ट नहीं किया जा सका।

वर्जन

चुनाव की ड्यूटी में कई कर्मचारियों को शहर से दूर भी जाना पड़ा। कुछ कर्मचारी संगठनों ने 20 मई को छुट्टी की मांग की थी पर सहमति नहीं बन पाई थी।

महेश प्रसाद गुप्ता, लीड बैंक मैनेजर