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LUCKNOW: सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि अगर सपा-बसपा गठबंधन नहीं होता तो लोकसभा चुनाव में सपा के वजूद पर बन आती। अखिलेश कन्नौज की सीट भी नहीं बचा पाते, इटावा और मैनपुरी तो दूर की बात है। ऐसे में किसी भी शर्त पर गठबंधन करना उनकी बेबसी थी। मायावती ने तो उन पर जरूरत से ज्यादा कृपा की। वह तो दस सीटों का ऑफर भी नाक रगड़कर मान लेते

मुलायम को पीएम की रेस से किया अलग
राजधानी में आयोजित एक कार्यक्रम में योगी ने कहा कि अखिलेश ने यह गठबंधन कर अपने पिता मुलायम सिंह यादव को प्रधानमंत्री की रेस से अलग कर दिया। गठबंधन बताए कि उनके प्रधानमंत्री का उम्मीदवार कौन होगा? अब तो यह भी तय नहीं कि मुलायम को टिकट मिलता है या नहीं। उन्होंने कहा कि बसपा-सपा का गठबंधन भाजपा के लिए कोई चुनौती नहीं है। दोनों दल यहां एक साथ और अलग-अलग भी सत्ता में रहे हैं।

सपा-बसपा ने  सिर्फ जाति की राजनीति की
सीएम योगी ने यह भी कहा कि इनके आपसी रिश्तों और शोहरत को जनता ठीक से जानती है। मजबूरी में दो मौकापरस्त दलों के इस नापाक गठबंधन को जनता की मदद से हम और आसानी से निपटा लेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा और बसपा सरकारों ने सिर्फ जाति की राजनीति की है। जाति के बूते अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षा तो पूरी की, पर उस जाति का हित नहीं किया। अलबत्ता इनकी सरकारों में भ्रष्टाचारियों और गुंडों का बोलबाला था।

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