- सीएम और दो डिप्टी सीएम के साथ 44 मंत्रियों ने ली शपथ

- पीएम मोदी, अमित शाह, एलके आडवाणी और मुलायम व अखिलेश रहे मौजूद

- योगी मंत्रिमंडल में मुस्लिम चेहरा भी, पूर्व क्रिकेटर मोहसिन रजा बने राज्यमंत्री

2 डिप्टी सीएम

-22 काबीना मंत्री

-9 राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)

-13 राज्यमंत्री

ashok.mishra@inext.co.in

LUCKNOW(19 March): देशभक्ति के तराने, 'भारत माता की जय' और 'वंदे मातरम' के गगनभेदी नारे, मंच पर पीएम नरेंद्र मोदी की मौजूदगी और सामने जोश से लबरेज केसरिया जन समुद्र. सूबे में 14 साल बाद भाजपा को बहुमत मिलने के बाद शपथ ग्रहण का यह नजारा लोकतंत्र की ताकत का अहसास करा रहा था. मुख्यमंत्री पद की शपथ के लिए राज्यपाल ने जैसे ही योगी आदित्यनाथ का नाम पुकारा, हजारों लोगों का हुजूम 'मोदी-मोदी' से 'योगी-योगी' के नारे लगाने लगा. इंतजार की घडि़यां खत्म होती दिखी और केशव प्रसाद मौर्य और डॉ. दिनेश शर्मा ने उप मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. इसके बाद राज्यपाल ने बारी-बारी से 22 नेताआें को काबीना मंत्री, नौ को राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और 13 को राज्यमंत्री की शपथ दिलाई. चुनाव में किसी भी मुस्लिम उम्मीदवार को टिकट न देने वाली भाजपा ने पूर्व क्रिकेटर मोहसिन रजा को राज्यमंत्री बनाकर यह कमी भी पूरी कर दी.

मंच पर जुटा भाजपा का कुनबा

राजधानी के आशियाना स्थित स्मृति उपवन में खासतौर पर कोलकाता से मंगाए गये 12 कुंतल फूल और केसरिया पर्दे से सजे मंच पर दोपहर बारह बजे से भाजपा नेताओं और पदाधिकारियों के आने का सिलसिला शुरु हो गया था. इसी बीच 46 नेताओं को मंत्री पद की शपथ दिलाने की सूची राजभवन भेज दी गयी. दोपहर दो बजे तक मंच पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह समेत दिग्गज नेताओं का जमावड़ा लग चुका था और पीएम मोदी का बेसब्री से इंतजार होने लगा. भाजपा शासित तमाम राज्यों के मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री भी समारोह स्थल पर पहुंच गये. लंबे अरसे के बाद यूपी में सरकार बनाने की खुशी में पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी और पूर्व केंद्रीय मंत्री मुरली मनोहर जोशी भी शामिल हुए. पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव अपने पिता और सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव के साथ मंच पर दिखे तो लोग चौंक गये. करीब 2.15 बजे जैसे ही पीएम मोदी मंच पर आए, लोगों ने मोदी-मोदी के नारे लगाने शुरु कर दिए जो शपथ ग्रहण समारोह के खत्म होने तक नहीं थमे. मुख्य सचिव राहुल भटनागर ने राज्यपाल राम नाईक से शपथ ग्रहण समारोह शुरु करने की अनुमति मांगी जिसके बाद योगी आदित्यनाथ का नाम पुकारा गया. योगी के शपथ लेने के बाद दोनों डिप्टी सीएम समेत 46 मंत्रियों ने पद और गोपनीयता की शपथ ली.

इन्होंने ली शपथ

कैबिनेट मंत्री

सूर्य प्रताप शाही, सुरेश खन्ना, स्वामी प्रसाद मौर्य, सतीश महाना, राजेश अग्रवाल, डॉ. रीता बहुगुणा जोशी, दारा सिंह चौहान, धर्मपाल सिंह, एसपी सिंह बघेल, सत्यदेव पचौरी, रमापति शास्त्री, जय प्रकाश सिंह, ओम प्रकाश राजभर, बृजेश पाठक, लक्ष्मी नारायण चौधरी, चेतन चौहान, श्रीकांत शर्मा, राजेंद्र प्रताप सिंह उर्फ मोती सिंह, सिद्धार्थनाथ सिंह, मुकुट बिहारी वर्मा, आशुतोष टंडन 'गोपाल', नंद गोपाल 'नंदी'.

राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)

अनुपमा जायसवाल, सुरेश राणा, उपेंद्र तिवारी, डॉ. महेंद्र सिंह, स्वतंत्र देव सिंह, भूपेंद्र चौधरी, धर्म सिंह सैनी, अनिल राजभर और स्वाति सिंह.

राज्यमंत्री

गुलाबो देवी, जय प्रकाश निषाद, अर्चना पांडेय, राजकुमार सिंह 'जैकी', अतुल गर्ग, बलदेव सिंह ओलख, संदीप सिंह, मोहसिन रजा, रणवेंद्र प्रताप सिंह उर्फ 'धुन्नी सिंह', मन्नु कोरी, गिरीश यादव, नीलकंठ तिवारी और सुरेश पासी.

मंच पर मौजूद नेता

असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल, अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री प्रेमा खांडू थुंगन, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह, राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू, गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फणनवीस, गुजरात के मुख्यमंत्री विजय भाई रुपाणी, जम्मू और काश्मीर के उप मुख्यमंत्री निर्मल सिंह, केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, संतोष गंगवार, डॉ. महेश शर्मा, अनुप्रिया पटेल, कलराज मिश्रा, नितिन गडकरी, उमा भारती, रविशंकर प्रसाद, जनरल वीके सिंह, वैंकैया नायडू, भाजपा यूपी प्रभारी ओम माथुर, राष्ट्रीय सचिव अरुण ंिसह, पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी, मुलायम सिंह यादव, अखिलेश यादव, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय, दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष मनोज तिवारी, भाजपा के केंद्रीय संगठन मंत्री रामलाल आदि.

और सारे इंतजाम धराशायी

इसे पीएम मोदी की लोकप्रियता ही माना जाएगा कि मंच पर उनके आने की आहट के साथ ही सारे सुरक्षा इंतजाम धराशायी हो गये. दरअसल गेट नंबर तीन से विधायक व उनके परिजनों तथा मीडियाकर्मियों का प्रवेश होना था जबकि वहां सैंकड़ों कार्यकर्ताओं की भीड़ अंदर आने के लिए पुलिस के साथ जद्दोजहद कर रही थी. इसे देख मंच से सुरक्षाकर्मियों से विधायकों को भीतर आने के लिए इंतजाम करने को कहा गया लेकिन कार्यकर्ताओं के हुजूम के आगे पुलिस भी पस्त हो गयी. वहां का नजारा देख तमाम विधायक अपने परिजनों के साथ वापस लौट गये. इस दौरान पीएम मोदी मंच पर आ गये और कार्यकर्ताओं ने सुरक्षा घेरा तोड़ दिया. कार्यकर्ताओं की भीड़ ने विधायकों और मीडिया के आरक्षित जगह पर कब्जा जमा लिया जिससे अफरा-तफरी मच गयी. वहीं कार्यक्रम के दौरान कुछ कार्यकर्ताओं को हंगामा करता देख अमित शाह ने वहां सुनील बंसल समेत कुछ नेताओं को उन्हें समझाने के लिए भेजा. इसे देख एडीजी कानून-व्यवस्था दलजीत सिंह चौधरी ने खुद आकर मोर्चा संभाला जिसके बाद कार्यकर्ता कुछ शांत हुए.

पैर छूने से मना

शपथ लेने के बाद मंत्रियों ने पीएम मोदी, राज्यपाल राम नाईक और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का अभिवादन किया. तमाम मंत्रियों ने तीनों के पैर छूने की कोशिश भी की लेकिन पीएम मोदी ने उन्हें इशारे से मना करते हुए केवल उनसे हाथ मिलाया. वहीं पीएम के करीब बैठे अमित शाह और राजनाथ सिंह का अभिवादन करने के लिए जैसे ही मंत्री आगे बढ़ते, उन्हें वहीं से नमस्कार कर वापस भेज दिया जाता. खासतौर पर महिला मंत्रियों का पीएम मोदी बेहद सादगी के साथ झुककर अभिवादन कर रहे थे.

हाथ मिलाना भूले स्वतंत्र देव

वरिष्ठ भाजपा नेता स्वतंत्र देव सिंह ने मंत्री पद की शपथ लेने के बाद पीएम मोदी और मुख्यमंत्री से हाथ तो मिलाया लेकिन वे राज्यपाल राम नाईक का अभिवादन करना भूल गये. इस पर राज्यपाल ने उन्हें टोकते हुए कहा कि आपने मुझसे तो हाथ मिलाया ही नहीं, इसके बाद अपनी भूल को स्वीकारते हुए स्वतंत्र देव वापस आए और नाईक से हाथ मिलाया.

स्वाति सिंह का जलवा

शपथ ग्रहण में महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष स्वाति सिंह का जलवा भी देखने को मिला. मुख्य सचिव ने जैसे ही उनका नाम पुकारा, पूरे पंडाल में तेजी से नारे लगने लगे. स्वाति सिंह ने शपथ लेने के बाद पीएम मोदी, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के पैर छूकर आशीर्वाद लिया. स्वाति सिंह की सादगी देख पीएम मोदी भी उन्हें मना नहीं कर सके.

मैं आदित्यनाथ योगी..

पूर्वाचल में हिंदुत्व की राजनीति का परचम लहराने वाले योगी आदित्यनाथ जब शपथ लेने आए तो उन्होंने अपना नाम बोलकर सबको चौंका दिया. बोलचाल की भाषा के उलट उन्होंने कहा कि 'मैं आदित्यनाथ योगी ईश्वर की शपथ लेता हूं'.. इससे साफ हो गया कि वे अपने नाम के बाद योगी शब्द का इस्तेमाल करते हैं.

शांत रहे पीएम

पीएम मोदी पूरे कार्यक्रम के दौरान बेहद गंभीर मुद्रा में दिखे. शपथ ग्रहण करने के बाद जो भी मंत्री उनसे मिलने आ रहा था, उसका वे उठकर मुस्कराते हुए अभिवादन स्वीकार कर रहे थे. कार्यक्रम समाप्त होने के बाद उन्होंने हाई-टी पर कुछ नेताओं के साथ बात की और मुख्यमंत्री को कुछ राजधर्म के मंत्र समझाकर लौट गये.

योगी के बाद केशव

योगी आदित्यनाथ के बाद जब भाजपा प्रदेश अध्यक्ष केशव मौर्य को डिप्टी सीएम पद की शपथ लेने के लिए बुलाया गया तो यह साफ हो गया कि सरकार में वे नंबर टू की हैसियत में रहेंगे. मुख्यमंत्री के बाद केशव मौर्य के पास सबसे ज्यादा विभाग और अधिकार होंगे. इसके बाद दूसरे डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा का नंबर आएगा.