- दैनिक जागरण और पैंपर्स की ओर से आयोजित शिशु स्वास्थ्यशाला में

एक्सपर्ट ने बताया बच्चों की अच्छी ग्रोथ का फंडा

- गीलापन होने से बच्चों की नींद में आती है बाधा, डायपर का इस्तेमाल उनके लिए बहुत जरूरी

lucknow@inext.co.in

LUCKNOW : आपके बच्चों की अच्छी नींद और उनके सर्वागीण विकास के लिए डायपर का इस्तेमाल बहुत जरूरी है. यह बच्चों के विकास के लिए उपयोगी है. यही नहीं यह बच्चों को कई संक्रमण से भी बचाता है. शुक्रवार को दैनिक जागरण और पैंपर्स की ओर से गांधी भवन में आयोजित शिशु स्वास्थ्यशाला में चिल्ड्रेन मेडिकल सेंटर के नवजात शिशु एवं बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आशुतोष वर्मा ने यह जानकारी दी. इस दौरान माताओं ने अपने बच्चें की समस्या को लेकर सवाल किए जिनके जवाब एक्सप‌र्ट्स ने दिए.

बच्चे के लिए करीब 18 घंटे की नींद जरूरी

शिशु स्वास्थ्यशाला में डॉ. आशुतोष वर्मा ने बच्चों के स्वास्थ्य और विकास से संबंधित टिप्स दिए. उन्होंने कहा कि आज हम उस मुद्दे पर बात कर रहे हैं, जिसपर स्वास्थ्य विभाग पिछले कई सालों से काम कर रहा है. पूरे विश्व में 25 लाख बच्चे अपने जीवन का एक माह भी पूरा नहीं कर पाते. अकेले भारत में इसका आकड़ा 7.5 लाख है. यूपी में 1000 में 38 बच्चे एक माह भी नहीं जी पाते हैं. यह चिंता का विषय है. न्यू बार्न की एक्टिविटी पर ध्यान देना जरूरी है. किसी भी बच्चे के लिए करीब 18 घंटे की नींद जरूरी है. उसकी नींद में दिक्कत न आये इसलिए डायपर का इस्तेमाल किया जाता है. कपड़ा लगाने से हर घंटे बच्चा टायलेट से गीला हो जाता है और उसकी नींद में बाधा पड़ती है. साथ ही उसे इंफेक्शन भी हो जाता है. यदि बच्चे की नींद पूरी नहीं होती तो वो चिड़चिड़ा हो जाता है. इसलिए उसकी खुशी और स्वास्थ्य के लिए पैंपर्स का इस्तेमाल करें.

बाक्स

बच्चों की करें केयर

- अच्छी ग्रोथ के लिए बच्चों का करीब 18 घंटे सोना जरूरी है.

- डायपर के इस्तेमाल से बच्चों को अच्छी नींद मिलती है.

- शुरुआती एक साल तक बच्चे के लिए मां का दूध ही सर्वोत्तम.

- तीन माह तक के बच्चों को पब्लिक प्लेस में ले जाने से बचना चाहिए.

- बच्चे को दिक्कत होने पर बाल रोग विशेषज्ञ से संपर्क करे.

माताओं ने पूछे सवाल

शिशु स्वास्थ्यशाला में आई माताओं ने अपने बच्चों की सेहत से संबधित सवाल किए जिनका एक्सप‌र्ट्स ने जवाब दिया.

प्रश्न: मेरा बेबी शाम के समय बहुत रोने लगता है?

-दिव्या

उत्तर: दिनभर बच्चे दूध पीते रहते हैं, जिससे गैस बनती है और शाम के समय बच्चों को यह दिक्कत आ जाती है. यह नार्मल प्रक्रिया है, जिससे घबराने की जरूरत नहीं है.

प्रश्न: मेरा बेटा एक साल का हो गया है लेकिन वह खाना नहीं खाता है?

-रुचिका

उत्तर- बच्चे के लिए छह माह तक बे्रस्ट फीडिंग जरूरी है. इसके बाद जब बच्चा धीरे-धीरे बड़ा होने लगे तो उसे पौष्टिक आहार देना शुरू करें. लेकिन ध्यान रखें कि उसकी पाचन शक्ति दो साल में 60 प्रतिशत ही डेवलप होती है. इसलिए स्टेप बाई स्टेप चलना चाहिए.

प्रश्न- मेरा बेटा देर रात तक जागता है?

-शबीना

उत्तर- अगर यह रूटीन बन गया है तो डॉक्टर को दिखाएं.

इसके अलावा कार्यक्रम में आए कई अन्य लोगों ने भी बच्चों को लेकर एक्सपर्ट से सवाल पूछे.

बताए पैंपर्स के फायदे

शिशु स्वास्थ्यशाला में पैंपर्स की ओर से एक लाइव डेमो दिया गया जिसमें चिल्ड्रेन मेडिकल सेंटर की स्टाफ नर्स कामिनी और मुकेश ने डेमो कर बताया कि किस तरह टायलेट होने पर पैंपर्स बच्चों का गीलापन दूर करता है और उन्हें नमी से बचाता है. जिसमें एक्सपर्ट ने बताया कि इसमें मैजिक जैल का इस्तेमाल होता है जो गीलेपन को सोख लेता है. गीलापन न होने से बच्चे सर्दी जुकाम से बचते हैं.

इनको मिला प्राइज

शिशु स्वास्थ्यशाला में लकी ड्रा विनर्स पांच लोगों को एक-एक हजार कैश प्राइज दिया गया. तनु सोनकर, वनदेवी, नीरा देवी, शहरून निशां, आशा कनौजिया लकी विनर्स बनीं.

जरूरी बॉक्स

प्रशस्ति पत्र देकर किया सम्मानित

पैंपर्स की ओर से कई लोगों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया. जिनमें शिव जनरल स्टोर के रिंकू, नदीम स्टोर के आमिल, एस कुमार स्टोर्स के पप्पू, अनूप जनरल स्टोर के अनूप, मंजू ट्रेडर्स के सतीश, सोनू ट्रेडर्स के सोनू, अजीत स्टोर के अजीत, मनोहर ट्रेडर्स के विजय, विष्णु जनरल स्टोर के विष्णु, सुनील जनरल स्टोर के आशीष शामिल रहे.

जरूरी बॉक्स

स्वास्थ्य विभाग के अफसर हुए शामिल

एडीशनल सीएमओ डॉ. संजय कुमार, डॉ. डीके बाजपेई, डॉ. आरके चौधरी, यूजीनिक्स मेडी सांइसेज प्राइवेट लिमिटेड (पार्टनर पी एंड जी) की शिवानी शुक्ला का दैनिक जागरण आई नेक्स्ट के संपादकीय प्रभारी धर्मेद्र सिंह ने स्वागत किया. कार्यक्रम में गैर सरकारी संगठन ममता, एडीशनल सीएमओ डॉ. अजय राजा, मेडिकल आफीसर डॉ. एसके सक्सेना, डिप्टी डीएलओ डॉ. वाईके सिंह, जिला स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी योगेश रघुवंशी और सौरभ माथुर का खास सहयोग रहा.

टिप्स पाकर महिलाएं खुश

कार्यक्रम में बच्चों के लालन-पालन की जानकारी विशेषज्ञ डॉक्टरों से ने दी. जो हमारे लिए काफी उपयोगी हैं. पहली बार इस तरह के कार्यक्रम में शामिल हुई. ऐसे प्रोग्राम होते रहने चाहिए.

अंकिता श्रीवास्तव बेटी रिति के साथ

स्वास्थ्यशाला में बच्चों से जुड़ी जो जानकारियां दी गई है, वह बेहद अहम हैं. बच्चों को पालने में किन बातों का ख्याल रखना चाहिए, बच्चों के लिए क्या अच्छा है और क्या बुरा, यह सब पता चला.

सुमन बेटे वंश के साथ

बच्चों की नींद पूरी करने में डायपर सहायक है. इसके साथ ही बच्चों की ग्रोथ से जुड़ी जानकारियां भी इस प्रोग्राम में दी गई. यह अपनी तरह का एक अलग प्रोग्राम था, जिससे काफी जानकारी मिली.

दीपमाला बेटे अस्तित्व के साथ

बच्चों की ग्रोथ और डेवलपमेंट पर एक्सपर्ट ने बहुत सी जानकारियां दीं. नींद में बच्चों की ग्रोथ होती है, यह जानकारी भी यहां आकर ही मिली. उम्मीद नहीं की थी, इतना अच्छा प्रोग्राम होगा.

नेहा बेटे माधव के साथ

टीकाकरण के साथ बच्चों के लिए नींद भी काफी जरूरी है. यह जानकारी स्वास्थ्यशाला में मिली. एक्सपर्ट डॉक्टर्स ने जानकारियां दी. ऐसे कार्यक्रम हमेशा होने चाहिए.

निरूपमा बेटे पार्थ के साथ

मेडिकल साइंस में लगातार बच्चों पर रिसर्च हो रही है. वहीं पैरेंट्स भी बच्चों को पालने में ध्यान दे रहे हैं. स्वास्थ्यशाला में पता चला कि नवजात शिशुओं की देखरेख किस तरह से की जानी है.

रुचिका बेटे श्रेयस के साथ

शहर में इस तरह का आयोजन पहले कभी नहीं हुआ. माताएं यह जानने की कोशिश करती हैं कि बच्चे के लिए क्या सही और क्या गलत है. इस प्रोग्राम में आकर इन चीजों की जानकारी मिली.

सावित्री बेटे चुलबुल के साथ

बच्चों के लिए सोते समय गीलापन हानिकारक है. यह जानकारी स्वास्थ्यशाला में मिली. ऐसे आयोजन होते रहने चाहिए जिससे माताओं को बच्चों की केयर से जुड़ी सभी जानकारी मिल सके.

शैली बेटी अराध्या के साथ

माताओं को लगातार बच्चे के स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारियों से अपडेट रहना चाहिए. कई जानकारियां ऐसी थीं जो स्वास्थ्यशाला में मिलीं. इससे बच्चे कम बीमार होंगे और उनकी ग्रोथ बेहतर होगी.

भूमिका बेटी स्मृति के साथ