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kanpur : चुनाव को लेकर राजनैतिक गलियारे में शुरू हुई हलचल को देखते हुए दैनिक जागरण आई नेक्स्ट डेली रेडियो सिटी के साथ मिलकर यूथ की नब्ज टटोलने का प्रयास कर रहा है. 'मिलेनियल्स स्पीक' के नाम से यूथ को ऐसा मंच उपलब्ध कराया गया है, जिसमें वो अपने चुनावी मुद्दे हमसे शेयर कर रहे हैं. थर्सडे को हम साकेतनगर स्थित मंगलम मार्केट पहुंचे. जहां यूथ ने रेडियो सिटी आरजे राघव के सामने बड़े ही बेबाक अंदाज में चुनावी मुद्दे रखे.

सिक्यूरिटी से कोई समझौता नहीं
कुलदीप व गौरव के अनुसार कंट्री की सिक्यूरिटी के साथ कोई समझौता नहीं होना चाहिए. अगर कोई हमारी कंट्री की तरफ बुरी नजर से देखे तो उसे तुरंत सबक सिखाना चाहिए. सिक्योरिटी अरेजमेंट्स में सही तरीके से जनता का पैसा खर्च होना चाहिए. सुरक्षा में इस्तेमाल होने वाले संसाधनों में कमाई के चक्कर में मंत्री खेल करते हैं. ऐसे पूर्व में कई मामले सामने भी आ चुके हैं. अगर इतने गंभीर विषय को भी मंत्री जैसे पद पर बैठा व्यक्ति हल्के में लेता है तो कानून को उसे फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से सजा देनी चाहिए. इससे दोबारा काई इन मामलों को हल्के में न ले सके.

तेज तर्रार ही चाहिए नेता
दोपहर करीब 1 बजे मिलेनियल्स स्पीक की शुरुआत भारत पाक के मुद्दे को लेकर हुई. इस दौरान यूथ ने इंडियन आर्मी के जज्बे को सलाम करते हुए उनकी बहादुरी पर गर्व होने की बात कही. मनीष, दिव्या व अमर ने कहा कि हमारी कंट्री में अब यूथ का परसेंटेज लगातार बढ़ रहा है. आर्मी के शौर्य पर सवाल खड़ा करने वालों को अपने गिरेबां में झांक कर देखना चाहिए कि उन्होंने कौन से शौर्यता के काम किए थे. इतने सालों बाद हमें अपनी कंट्री का नेतृत्व करने वाला सच्चा नेता मिला है. हम अब किसी की बातों से गुमराह होने वाले नहीं हैं. जब हमारे नेता तेज तर्रार होंगे तो हमारी आर्मी अपने आप ही दुश्मनों को जवाब देने में सक्षम हो जाएगी.

जमीन तक होना चाहिए डेवलपमेंट
नेहा, तान्या ने कहा अगर कोई नेता सोचे कि वो यूथ इंडिया को फुसला कर अपना मतलब निकाल लेगा तो वो गलत है. सिर्फ डेवलपमेंट की बात नहीं होनी चाहिए, बल्कि डेवलपमेंट जमीन तक दिखना चाहिए. मुझे अपने जिम्मेदार अधिकारियों से सवाल पूछना है कि जब सड़क को खोदना ही होता है, तो उसे बनवाया ही क्यों जाता है. या जिस काम के लिए खोदा जा रहा है, उसे पूरा करने के बाद ही सड़क बनाए जाए, जिससे जनता के पैसों की बर्बादी न हो. हमें लगता है कि यह कोई छोटा मुद्दा नहीं है. इसके पीछे बहुत बड़े स्तर पर होने वाला भ्रष्टाचार है.

यूथ को डेवलप करें नेता
वर्षा, राहुल व अर्पित ने कहा कि कंट्री को डेवलप करने के लिए यूथ का डेवलपमेंट बहुत जरूरी है. कहा प्रेजेंट गवर्नमेंट में मेक इन इंडिया जैसी योजनाओं ने इस सोच का बल दिया है. जिन चीजों पर पहले अपने पड़ोसी या अन्य देशों पर निर्भर रहते थे, उनका निर्माण अब देश में ही हो रहा है. इसमें गवर्नमेंट का भी पूरा सहयोग मिला है. ऐसी ही सोच रखने वाली गवर्नमेंट होनी चाहिए. सिर्फ बातें न करे बल्कि धरातल पर उतर कर काम को भी वरीयता दे.

निचले स्तर से मिटाएं करप्शन
अमित, दीप व हीरेश ने कहा कि अगर कंट्री में करप्शन खत्म हो जाए तो फिर हमें तरक्की करने से कोई नहीं रोक सकता है. प्रेजेंट गवर्नमेंट ने करप्शन रोकने को काम किया है. लेकिन, निचले स्तर पर अगर आप सही भी हैं तो भी आपको रिश्वत देकर ही अपने काम कराने होंगे. अगर वो रिश्वत नहीं लेंगे तो आपके के काम को ही किसी ने किसी बहाने से लटका देते हैं. इस ओर भी गवर्नमेंट को ध्यान ले जाना चाहिए. पुलिस डिपार्टमेंट में भी पैसों के बिना कोई काम नहीं होता है. अगर आपको कोई रिपोर्ट दर्ज करानी है तो थाने में पैसा दे दीजिए कार्रवाई कर दी जाएगी. कानून का मजाक बनाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने वाली सरकार चाहिए.

मिलेनियल्स वर्जन-


- हेल्थ और एजूकेशन के क्षेत्र में गवर्नमेंट को काम करने की जरूरत है. इसके अलावा मुझे इस गवर्नमेंट में करप्शन कम लगता है. कर्मचारियों में फैले हुए करप्शन को खत्म करने के लिए उनमें डर पैदा करना होगा.

- करप्शन के मुद्दे पर काम करने वाली गवर्नमेंट चाहिए. करप्शन को खत्म करने के लिए यूथ भी साथ देंगे. शिक्षा अच्छी होगी तो करप्शन में अधिकारी और कर्मचारी लिप्त नहीं होंगे. सच कहूं तो लालच करप्शन को जन्म देता है.

- किसी भी गवर्नमेंट में लोगों को खुद ही सुधार करने होते हैं. बात अगर सिविक सेंस की करें तो वो डेवलप करना बहुत जरूरी है. पैरेंट्स और स्कूलों को बच्चों को मॉरल एजूकेशन देने के बाद प्रैक्टिकल भी करना चाहिए.

-लोगों में आज सिविक सेंस की कमी दिखाई देती है. इस कारण हम खुद ही कई समस्याओं से घिरे हैं. पॉल्यूशन से लोग गंभीर बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं. अगर सिर्फ गवर्नमेंट के भरोसे बैठे रहे तो बहुत देर हो जाएगी.

- चुनाव नजदीक आते ही नेता लुभावने वादे करते दिखते हैं. लेकिन, यह हमें ही समझने की जरूरत है कि वोट किसको देना है. हमें ऐसे व्यक्ति को वोट करना चाहिए जो यूथ के फ्यूचर को बनाने पर काम कर सके.

- गरीबों के लिए आने वाले योजनाओं का लाभ मिडिल क्लास उठा लेते हैं. कम से कम कोई ऐसी बॉडी होनी चाहिए, जो इस तरह के करप्शन को रोक सके. अगर हमारी कंट्री से करप्शन मिट जाए तो हम पॉवरफुल हो जाएंगे.

- यूथ को लालच देने वाले वादे करने वाले नेताओं को सबक सिखाने का समय है. जो काम करेगा उसे ही वोट दिया जाएगा. हमें भी अपनी कंट्री को विश्व में नंबर वन बनाना है. इसलिए, जरूरी है कि हम सब हिस्सेदारी निभाएं.