-केविवि में उत्साह के साथ मनाई गई स्वामी विवेकानंद की जयंती

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CHAMPARAN/PATNA: स्वामी विवेकानंद का निधन अल्प आयु में ही हो गया लेकिन अपने कायरें की वजह से वे चिरायु हो गए. कम समय में कितना अधिक काम किया जा सकता है, यह स्वामी विवेकानंद के जीवन से सीख सकते हैं. इसलिए युवा अपनी ऊर्जा को पहचानें. यह बातें महात्मा गांधी सेंट्रल यूनिवर्सिटी के वीसी प्रो.अनिल कुमार राय ने शनिवार को कही. अवसर था यूनिवर्सिटी में स्वामी विवेकानंद की जयंती समारोह का. प्रो.अनिल राय ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने जितना लिखा और अपने समय को जितना समझा उसे अगर हम आत्मसात करें तो एक नए युग का निर्माण कर सकते हैं.

अपने कर्मक्षेत्र में जुट जाएं

उन्होंने युवाओं से कहा कि युवा दिवस के अवसर पर युवा अपनी ऊर्जा को पहचानें और अपने कर्मक्षेत्र में जुट जाएं. उन्होंने स्वामी विवेकानंद के एक कथन का जिक्र करते हुए कहा कि जिसका संघर्ष जितना बड़ा होगा, सफलता भी उतनी शानदार होगी. मदन मोहन मालवीय पत्रकारिता संस्थान, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी के प्रो.राम मोहन पाठक ने बतौर विशिष्ट अतिथि मौजूद थे. बीआरए विवि, मुजफ्फरपुर के इतिहास विभाग के अध्यापक डॉ पंकज राय, गांधीवादी नेता ब्रजकिशोर सिंह, उगम पांडेय महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ कर्मात्मा पांडेय, संजय सत्यार्थी मौजूद थे. संयोजक का दायित्व सहायक प्राध्यापक डॉ उपमेश तलवार और डॉ कुन्दन किशोर रजक ने संभाला.